Health tips, Lifestyle: हमें जीवन में बहुत कुछ ऐसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है, जो हमारी आदतों से पैदा होती हैं। सामान्य रूप से देखा जाता है कि बहुत से लोगों में मीठा खाने की घोर आदत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि अनुपात और आवश्यकता के हिसाब से बहुत अधिक अपने भोजन में मीठा सामान का सेवन करते हैं, तो हमारे रक्त में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। बहुत से लोगों के दांत का नेचर भी मीठा होता है, जो अधिक मीठा की मांग करता है। इसे ही शुगर क्रेविंग्स कहा जाता है। अगर किसी को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। अपने भोजन में कुछ खास चीजों का इस्तेमाल कर वे इस स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं।
मसाले के प्रयोग से हो सकता है कंट्रोल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मीठा अधिक खाने की आदत पड़ रही है और उससे आपका हेल्थ गड़बड़ा रहा है तो आप अपने भोजन में कुछ खास किस्म के मसाले का प्रयोग कर इसे कंट्रोल कर सकते हैं। ध्यान रहे, बहुत अधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है। मोटापा के कारण शरीर के भीतर के अंग लीवर और किडनी में भी खराबी आने की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति से उबर के लिए तमाम स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में समस्या यह है कि शुगर क्रेविंग्स को किस तरह से दूर किया जा सकता है। दालचीनी, लौंग इलायची, काली मिर्च और मेथीदाना का भजन में प्रयोग करने से इसमें फायदा मिलता है।
ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करती है दालचीनी और लौंग
भोजन विशेषज्ञ और डॉक्टर बताते हैं कि ब्लड शुगर लेवल को दालचीनी रेग्युलेट करती है। इसकी वजह से शुगर स्पाइक्स और क्रैश की समस्या कम हो सकती है। बिना चीनी के इस्तेमाल किए बिना ही आपकी डिश मीठा स्वाद देता है। आप इसको स्मूदी, ओट्स या फिर कॉफी पर भी छिड़क सकती है। शुगर क्रेविंग्स काम करने के लिए लौंग का इस्तेमाल भीफायदेमंद है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। लौंग ब्लड शुगर लेवल को भी मैनेज करती है।
भोजन में काली मिर्च, मेथीदाना और इलायची का महत्व
काली मिर्च का सेवन करने से भी शुगर क्रेविंग्स कम होती है। काली मिर्च खाने का फायदा यह होता है कि यह अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करती है।
मेथीदाना भी शुगर क्रेविंग्स को कम करने का काम करता है। यह आपके शरीर को इंसुलिन को बेहतर बनाता है। इलायची का स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है, हालांकि इसमें चीनी नहीं होती है। वहीं यह पाचन में भी सहायता करती है। इसका सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल मैनेज होता है।



