New Delhi news : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में अखिल भारतीय फॉरेंसिक साइंस समिट (एआईएफएसएस) 2025 को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को पुख्ता बनाने के लिए फॉरेंसिक साइंस बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में अगर समय पर न्याय उपलब्ध कराना है और दोषसिद्धि दर को बढ़ाना है, तो यह फॉरेंसिक साइंस के बगैर सम्भव नहीं है।
गृहमंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार न्याय प्रणाली को जनकेन्द्रित बनाने के लिए प्रयासरत है। साथ ही, न्याय मांगनेवालों को समय पर न्याय मिले और न्याय मिलने की संतुष्टि भी हो, इसके लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी के माध्यम से सुरक्षित, सक्षम और समर्थ भारत की रचना मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि क्रिमिनल जस्टिस को पुख्ता करने के लिए लाये गये तीन नये कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन और आतंकवाद से निपटने के लिए भविष्य में फोरेंसिक साइंस की भूमिका को लेकर यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। शाह ने कहा कि विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने, नीतियों की चर्चा करने, भविष्य की रणनीति बनाने और उन्हें आकार देने एवं एक सर्वस्वीकृत समाधान के लिए यह फॉरेंसिक साइंस समिट बहुत उपयोगी साबित होगा।



