Mumbai news : बॉलीवुड की दुनिया में जवानी की बड़ी कीमत होती है। बुढ़ापे में कौन सी त्रासदी कब किसको झेलनी पड़ती है, यह कहां नहीं जा सकता है और इसी को कहते हैं किस्मत या नियति का खेल। जो जवानी में ऊर्जा का उबाल होता है, उसे सब लोग पूछते हैं, मगर किसका बुढ़ापा कितनी सुरक्षित है, यह कौन जानता है। दुनिया की तमाम बड़ी हस्तियां के बुढ़ापे की कहानियां हम पढ़ते और सुनते रहते हैं। बॉलीवुड में भी किस एक्ट्रेस की जिंदगी के अंतिम वर्ष कैसे गुजरे, यह भी समझते हैं और उस स्थिति के बारे में सोचते हैं, लेकिन अपने जमाने में कभी बॉलीवुड में छाई रहने वाली एक्ट्रेस परवीन बॉबी की जिंदगी के साथ जो हुआ, वह दिल दहला देता है।
18 साल की उम्र में किया कमाल
वास्तव में परवीन बाबी कम उम्र से ही बेहद बोल्ड थीं। मॉडर्न कपड़े पहनकर खुलेआम सिगरेट पीने वालीं परवीन अक्सर लोगों का ध्यान खींच लिया करती थीं। यही वजह रही कि महज 18 साल की उम्र में परवीन को बड़े-बड़े मॉडलिंग प्रोजेक्ट मिलने लगे, लेकिन जीवन का अंत ऐसा हुआ कि भगवान ऐसी स्थिति किसी को ना दें।
51 साल की उम्र में हो गया निधन
अप्रैल में जन्मी परवीन बॉबी अगर आज जिंदा होती तो 71 साल की हो चुकी होतीं। जनवरी में आज से 20 साल पहले जिस अभिनेत्री की जिंदगी का 51 साल की उम्र में अंत हो गया था उसके जन्मदिन और पुण्यतिथि पर भले हर साल याद कर लेते हैं मगर दोनों ही अवसरों पर उनकी जिंदगी की तलाश नहीं हमें ज्यादा भीतर से दुखी करती है। इस अभिनेत्री को अपने जीवन के अंतिम वर्षों में अमेरिका के पागलखाने में भी गुजरना पड़ा था और बाद में मुंबई के एक फ्लैट में निधन हुआ तो 3 दिनों तक किसी को पता नहीं चला और डेड बॉडी सड़ती रही। अपने भी साथ छोड़ दिए।
फिल्मी करियर और त्रासदी का प्रारंभ
यदि फिल्मों के अचीवमेंट की दृष्टि से देखें तो परवीन बॉबी ने अपने करियर में अमिताभ बच्चन के साथ एक से एक फिल्में दी। यह आश्चर्यजनक लगता है कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय में अमिताभ बच्चन पर गंभीर आरोप भी लगाए थे। याद कीजिए, दीवार (1975), अमर अकबर एंथोनी (1977), द बर्निंग ट्रेन (1980), शान (1980), कालिया (1981), नमक हलाल (1982) जैसी दर्जनों सुपरहिट फिल्मों का हिस्सा रहीं परवीन की निजी जिंदगी बेहद दर्दनाक थी। कहा जाता है कि परवीन करियर के पीक पर थीं, जब उन्हें पैरानॉइड सिजोफ्रेनिया नाम की लाइलाज बीमारी हो गई थी।
बीमारी की स्थिति की सच्चाई
ऐसी बीमारी से वह ग्रस्त थी जिसमें व्यक्ति कभी भी कुछ भी कह सकता है। कभी परवीन बाबी कहती थीं कि अमिताभ बच्चन ने उन्हें किडनैप कर उनके गले में चिप लगा दी है। कभी वे पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन और प्रिंस चार्ल्स जैसी इंटरनेशनल हस्तियों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाती थीं। यह उसे दूर की बात है, जब परवीन बाबी को न्यूयॉर्क के पागलखाने में भी रखा गया था।



