Mumbai news : भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक अभिनेत्री ने अपने करियर में बुलंदी का झंडा गड़ा। अभिनेताओं की दृष्टि से अगर पुराने समय में हम दिलीप कुमार, राज कपूर, राजकुमार, राजेंद्र कुमार और मनोज कुमार जैसे अभिनेताओं को देखते हैं, तो अभिनेत्रियों में मीना कुमारी, वहीदा रहमान, नूतन, साधना जैसी अभिनेत्रियां हमारी आंखों के सामने आती हैं। अपने जमाने की अभिनेत्री श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित को कभी लेडी सुपरस्टार के रूप में भी देखा गया था, लेकिन क्या आपको मालूम है कि दशकों पहले बॉलीवुड के प्रारंभिक दौर में एक लेडी सुपरस्टार ने अपने 4 मिनट के किस्स सीन से तहलका मचा दिया था। जी हां, हम बात कर रहे हैं देविका रानी की।
31 साल पहले हो चुका है निधन
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इंडस्ट्री की यह पहली लेडी सुपरस्टार ने अपने करियर की शुरुआत 92 साल पहले किया था। उन्होंने हसिर्फ 10 साल के करियर में हिट फिल्मों की लाइन लगा दी थी। 1908 में जन्मीं और 1994 में 85 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था, लेकिन वे आज भी भारतीय सिनेमा की महान हस्तियों में गिनी जाती हैं। विशाखापत्तनम में जन्मीं देविका रानी की का असली नाम देविका रानी चौधरी था और वे एक प्रतिष्ठित बंगाली परिवार से ताल्लुक रखी थीं।

कर्मा फिल्म से की थी करियर की शुरुआत
देविका 1930-1940 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव थीं। देविका रानी ने अपने करियर की शुरुआत 1933 में फिल्म ‘कर्मा’ से की थी। इस फिल्म का डायरेक्शन उनके पति और एक्टर हिमांशु राय ने किया था। इस फिल्म में उन्होंने भारतीय सिनेमा का पहला और सबसे लंबा ऑनस्क्रीन किसिंग सीन दिया था, जो चार मिनट लंबा था। उन्होंने 15 फिल्मों में अभिनय किया।
1969 में दिया गया था दादा साहब फाल्के अवार्ड
देविका रानी ने 1943 में फिल्मों से संन्यास ले लिया। यदि देविका रानी के कैरियर और उसके महत्व को समझना है तो उनकी फिल्में- ‘अछूत कन्या’ (1936), ‘जीवन नैया’ (1936), सोर्स न्यूज़ फास्ट। ‘सावित्री’ (1937) और ‘नर्मदा’ (1943) देखिए। उनकी आखिरी फिल्म ‘हमारी बात’ थी, जो 1943 में आई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया। देविका ने 1929 में एक्टर-डायरेक्टर हिमांशु राय से शादी की थी, लेकिन उनके निधन के बाद उन्होंने 1945 में रूसी पेंटर स्वेतोस्लाव रॉरिक से शादी की। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए 1969 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला था।



