Dhanbad news : भारत के जियोस्पेशियल और साइंटिफिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक महत्त्वपूर्ण प्रगति मंगलवार को उस समय दर्ज की गयी जब आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में रीजनल सेंटर फॉर जियोडेसी और एक कॉन्टिन्युअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) का उद्घाटन हुआ। यह केन्द्र भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत स्थापित किया गया है, और इसका औपचारिक उद्घाटन प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) द्वारा परिसर के सीस्मोलॉजिकल ऑब्ज़र्वेटरी के निकट किया गया।

अपने उद्घाटन भाषण में प्रो. मिश्रा ने इस प्रकार की इन्फ्रास्ट्रक्चर की राष्ट्रीय सटीक जियोडेटिक अनुप्रयोगों में क्षमताओं को मज़बूत करने के रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित किया।
वसंत गोविंद कुमार विल्लूरी, जो रीजनल सेंटर के समन्वयक और माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्य हैं, ने जोड़ा कि CORS द्वारा प्रदान किया गया डेटा उन वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी सहायक होगा, जो ऊपरी वायुमंडलीय अध्ययन, स्पेस वेदर, मौसम विज्ञान, टेक्टॉनिक प्लेट मूवमेंट, भूकम्प विज्ञान (सीस्मोलॉजी) और जलविज्ञान (हाइड्रोलॉजी) से सम्बन्धित हैं।
नव स्थापित CORS नेटवर्क, स्थायी रूप से स्थापित GNSS रेफरेंस स्टेशनों का एक जाल है, जो लगातार कच्चा उपग्रह डेटा एक केंद्रीय सर्वर पर स्ट्रीम करेगा।
यह डेटा संग्रहित, संसाधित किया जायेगा और उद्योग व अकादमिक क्षेत्र के उपयोगकर्ताओं के लिए मानकीकृत, गैर-स्वामित्व वाले डेटा प्रारूपों में खुला रूप से उपलब्ध कराया जायेगा।
हाई-क्वालिटी रियल-टाइम पोजिशनिंग डेटा की उपलब्धता देश भर में विभिन्न हितधारकों द्वारा उत्पन्न किये गये जियोस्पेशियल डेटा की सुसंगतता को बेहतर बनायेगी, जिससे बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, सटीकता में सुधार और जियोस्पेशियल अनुप्रयोगों में उत्पादकता में वृद्धि होगी।
इस उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ानेवालों में प्रो. धीरज कुमार उपनिदेशक एवं RCG के सलाहकार, प्रबोध पांडेय, रजिस्ट्रार, आईआईटी (आईएसएम); प्रो. सागर पाल, डीन (अनुसंधान एवं विकास); प्रो. देवी प्रसाद मिश्रा, अध्यक्ष, माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग; प्रो. श्रीनिवास पसुलपुलेटी, अध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग; प्रो. सुभाषिश चटर्जी, और कई अन्य संकाय सदस्य व गण्यमान्य अतिथि शामिल थे।
Dhanbad news : भारत के जियोस्पेशियल और साइंटिफिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक महत्त्वपूर्ण प्रगति मंगलवार को उस समय दर्ज की गयी जब आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में रीजनल सेंटर फॉर जियोडेसी और एक कॉन्टिन्युअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) का उद्घाटन हुआ। यह केन्द्र भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत स्थापित किया गया है, और इसका औपचारिक उद्घाटन प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) द्वारा परिसर के सीस्मोलॉजिकल ऑब्ज़र्वेटरी के निकट किया गया।
अपने उद्घाटन भाषण में प्रो. मिश्रा ने इस प्रकार की इन्फ्रास्ट्रक्चर की राष्ट्रीय सटीक जियोडेटिक अनुप्रयोगों में क्षमताओं को मज़बूत करने के रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित किया।
वसंत गोविंद कुमार विल्लूरी, जो रीजनल सेंटर के समन्वयक और माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्य हैं, ने जोड़ा कि CORS द्वारा प्रदान किया गया डेटा उन वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी सहायक होगा, जो ऊपरी वायुमंडलीय अध्ययन, स्पेस वेदर, मौसम विज्ञान, टेक्टॉनिक प्लेट मूवमेंट, भूकम्प विज्ञान (सीस्मोलॉजी) और जलविज्ञान (हाइड्रोलॉजी) से सम्बन्धित हैं।
नव स्थापित CORS नेटवर्क, स्थायी रूप से स्थापित GNSS रेफरेंस स्टेशनों का एक जाल है, जो लगातार कच्चा उपग्रह डेटा एक केंद्रीय सर्वर पर स्ट्रीम करेगा।
यह डेटा संग्रहित, संसाधित किया जायेगा और उद्योग व अकादमिक क्षेत्र के उपयोगकर्ताओं के लिए मानकीकृत, गैर-स्वामित्व वाले डेटा प्रारूपों में खुला रूप से उपलब्ध कराया जायेगा।
हाई-क्वालिटी रियल-टाइम पोजिशनिंग डेटा की उपलब्धता देश भर में विभिन्न हितधारकों द्वारा उत्पन्न किये गये जियोस्पेशियल डेटा की सुसंगतता को बेहतर बनायेगी, जिससे बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, सटीकता में सुधार और जियोस्पेशियल अनुप्रयोगों में उत्पादकता में वृद्धि होगी।
इस उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ानेवालों में प्रो. धीरज कुमार उपनिदेशक एवं RCG के सलाहकार, प्रबोध पांडेय, रजिस्ट्रार, आईआईटी (आईएसएम); प्रो. सागर पाल, डीन (अनुसंधान एवं विकास); प्रो. देवी प्रसाद मिश्रा, अध्यक्ष, माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग; प्रो. श्रीनिवास पसुलपुलेटी, अध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग; प्रो. सुभाषिश चटर्जी, और कई अन्य संकाय सदस्य व गण्यमान्य अतिथि शामिल थे।



