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नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान लक्ष्य

नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान लक्ष्य

राज्य में पुन: आयोजित हुआ जन शिकायत समाधान कार्यक्रम

Ranchi news : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देशानुसार पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता के नेतृत्व में 16 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में ‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी जिलों में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा जनसम्पर्क शिविर, बैनर, प्रचार वाहन, पोस्टर, पंपलेट, प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों को कार्यक्रम की जानकारी दी गयी।

‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अपनी शिकायतें ; यथा जमीन/अपराध/ महिलाओं/बच्चों/साइबर/धोखाधड़ी के विरुद्ध होनेवाले अपराध के समाधान के लिए थानों के बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े, बल्कि उनका सामाधान तुरंत किया जा सके।

‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ की इस पहल से जनता और पुलिस के बीच विश्वास की मजबूत नींव को तैयार करना…पीड़ित, महिलाओं, बच्चों, कमजोर वर्गों/ बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना साथ पुलिस की पहुंच को ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में सुलभ बनाना एवं आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को पूरी तरह से मिटाना है। इस कार्यक्रम में शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उसका तत्काल रूप से समाधान करने के लिए एवं कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस एवं अन्य अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भूमिका निभायी। उक्त कार्यक्रम की मॉनिटरिंग हेतु पुलिस मुख्यालय स्तर से एक-एक पुलिस पदाधिकारी को नामित किया गया था।

जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के मुख्य उदेश्य

– शिकायत केन्द्रों में आनेवाले नागरिकों की शिकायतों का त्वरित पंजीकरण करना एवं सम्भव हो, तो आॅन द स्पॉट समाधान करना।

–  पुलिस के अलावा अन्य विभाग से सम्बन्धित मामलों को सम्बन्धित विभाग के संज्ञान में देकर समाधान कराने का सार्थक प्रयास करना।

– शिकायतों पर पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई की सूचना शिकायतकर्ता को प्रेषित करना।

–  निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वरीय पदाधिकारियों के संज्ञान में विषय को प्रेषित करना।

– नागरिकों की समस्या को समझते हुए पुलिस व्यवस्था में आवश्यक नीतिगत सुधार करने का प्रयास करना।

शिकायतकर्ता द्वारा दिये गये प्रतिवेदन के आलोक में झारखण्ड पुलिस द्वारा आयोजित किये गये ‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ कीं मुख्य विशेषताएं

– आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को पंजीकृत एवं आॅन द स्पॉट निष्पादित होनेवालीं शिकायतों का सामाधान किया गया।

– आन-लाइन शिकायत हेतु मोबाइल/वाट्सअप नम्बर तथा ईमेल आईडी प्रत्येक जिलों में नागरिकों को उपलब्ध करा कर आन लाइन शिकायत दर्ज करने हेतु प्रेरित किया गया।

– प्राप्त लिखित एवं मौखिक शिकायतों को रजिस्टर में संधारित करते हुए शिकायतकर्ता को पावती संख्या के साथ सम्पर्क नम्बर भी उपलब्ध कराये गये, ताकि शिकायतकर्ता को अपने शिकायत की जानकारी प्राप्त हो सके।

– प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के अन्दर कार्रवाई करने का आश्वासन शिकायतकर्ता को दिया गया।

निम्न विषय पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए आम लोगों को दी गयी जानकारी

– महिलाओं एवं बच्चों के सुरक्षा के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए विक्टिम कॉम्पेंसेशनस्कीम के बारे में बताया गया।

– नये आपराधिक कानून के अन्तर्गत जीरो एफआईआर  एवं आनलाइन एफआईआर करने की प्रणाली, डायल -112 एवं डायल-1930 (साइबर फ्रॉड) के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए आम नागरिकों को जागरूक किया गया।

– कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए एस.सी/एस.टी अत्याचार निवारक अधिनियम के तहत दर्ज काण्डों में यथाशीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।

– क्षेत्र में होनेवाले सम्पत्ति मूलक अपराध जैसे-साइबर अपराध तथा अवैध रूप से नागरिकों से ठगी करनेवाली चिटफंड कम्पनियों आदि की रोक-थाम एवं उससे सम्बन्धित दर्ज कांडों में त्वरित गति से अग्रतर कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया।

– ऐसे क्षेत्र, जहां मानव तस्करी की घटना को लेकर अपराध होते हैं, वहां पर विशेष रूप से अपराध के भुक्तभोगियों की सूचना प्राप्त कर संलिप्त अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर अग्रतर कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया।

– अफीम की खेती तथा ब्राउन शुगर इत्यादि की खरीद-बिक्री की जानकारी प्राप्त करते हुए इसकी रोकथाम के लिए नागरिकों को जागरूक किया गया।

– स्कूल / कॉलेज के बच्चों द्वारा नशीले पदार्थों का सेवन करने की जानकारी प्राप्त होने पर उसके रोक-थाम हेतु आम लोगों को जागरूक किया गया।

क्र.सं : जिला : केन्द्र सं० : शिकायतकर्ता की संख्या

1. रांची : 17                – 256

2. खूंटी  : 1                      – 14

3. सिमडेगा : – 4                 – 74

4. लोहरदगा : 1               – 37

5. गुमला : 6                     – 48

6. रामगढ़ : 1          – 52

7. हजारीबाग : 3            – 95

8. चतरा : 3      – 52

9. कोडरमा : 3    – 46

10. गिरिडीह : 4             – 133

11. बोकारो : 4    – 130

12. धनबाद : 6    – 156

13. लातेहार :  4                –  116

14. पलामू : 5   –  107

15. गढ़वा : 3    – 115

16. दुमका : 4                – 139

17. जामताड़ा : 3                 – 72

18. पाकुड़ : 3          – 32

19. साहेबगंज : 3                – 172

20. देवघर : 1         – 24

21. गोड्डा : 2                – 71

22. चाईबासा :1                – 16

23. जमशेदपुर : 2               –  73

24. सरायकेला : 4   – 79

कुल केन्द्र 88 कुल आवेदक 2109

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