गढ़वा के अस्पताल में एसडीओ और सिविल सर्जन ने मारा छापा, तहखाने में कैद मिली प्रसूता  

JHARKHAND NEWS: गढ़वा जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघमनवां में अवैध रूप से संचालित लाइफ केयर हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मंगलवार को छापेमारी हुई। गढ़वा के एसडीओ राज महेश्वरम, सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार व स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह द्वारा की गई छापेमारी के दौरान तहखाने में मरीज को रखकर इलाज करने का मामला सामने आया है। डंडई थाना क्षेत्र के रारो गांव निवासी समाजदेव प्रजापति की पत्नी देवंती देवी का सिजेरियन कर पांच सितंबर 2022 को प्रसव कराया गया था, जिसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद प्रसूता और उसके स्वजनों को अस्पताल के पिछले हिस्से में तहखाने में रखकर बाहर से ताला बंद कर दिया गया था। इधर, गढ़वा डीसी रमेश घोलप को अस्पताल संचालक के इस कारनामे की कहीं से सूचना मिल गई और इस मामले का पर्दाफाश हो गया।

मामले की भनक लगते ही संचालक हुए फरार

इधर, अस्पताल संचालक वकील अंसारी और अनिश अंसारी को किसी तरह छापेमारी की भनक लग गई और वे भाग गए। इधर, छापेमारी दल को अस्पताल में साबिर अंसारी व राजकुमार चौधरी नामक दो कर्मचारी मिले। पूछताछ में दोनों ने पहले तो यह कहकर भरमाने की भरपूर कोशिश की कि यहां सिजेरियन नहीं होता है, सिर्फ ओपीडी ही चलता है। लेकिन, पक्की सूचना पर पहुंचे छापेमारी दल ने तहखाने को खुलवा कर उसमें बंद मरीज व उसके स्वजनों को वहां से निकाला और प्रसूता को सदर अस्पताल में शिफ्ट करा दिया।

निजी अस्पताल और सहिया के बीच सांठगांठ 

छापा के दौरान निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य सहिया के कनेक्शन की बात सामने आई है। छापेमारी में प्राप्त डायरी में सहिया पर किए गए खर्च का ब्योरा अंकित मिला। इसी तरह मेज की दराज व ओपीडी कक्ष में कई तरह की दवाएं भी मिली हैं। इनमें कुछ एक्सपायर दवाएं भी मिली हैं। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा था, जबकि एक बोर्ड पर यह लिखा हुआ था कि आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं। तहखाने में एक जांच केंद्र का भी संचालन किया जा रहा था, जिसका रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया गया था। छापेमारी दल ने उसे भी सील कर दिया।

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