बिना कारण नौकरी से निकाले जाने के बाद कंपनी गेट पर 7 कर्मचारियों ने खा लिया जहर

Madhya Pradesh Indore news : महंगाई के इस युग में नौकरी की क्या कीमत है, यह एक कर्मचारी ही बता सकता है। गुरुवार को एक कंपनी ने जब अपने 7 कर्मचारियों को बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिया तो इन सातों कर्मचारियों ने कंपनी गेट के सामने ही जहर खा लिया। इस घटना के बाद कंपनी प्रबंधन और कंपनी के अन्य कर्मचारी हरकत में आ गए। सातों कर्मचारियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सातों कर्मचारी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। यह घटना मध्यप्रदेश के इंदौर शहर अंतर्गत परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के अजमेरा वायर कंपनी में हुई है।

नौकरी जाने से डिप्रेशन में चले गए थे सातों कर्मचारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सातों कर्मचारियों को कंपनी के मालिक में बिना कारण बताए अचानक नौकरी से निकाल दिया। इस घटना से एक कर्मचारी डिप्रेशन में चले गए और इतना बड़ा कदम उठा लिया। जिस कंपनी में यह सातों कर्मचारी काम करते थे वह मॉड्यूलर किचन का सामान बनाती है। इस कंपनी में करीब 15 से 20 कर्मचारी कार्यरत हैं। 

सता रही थी परिवार चलाने की चिंता

कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पहले कंपनी के मालिक रवि बाफना और पुनीत अजमेरा ने सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इस घटना से निकाले गए कर्मचारी परेशान हो गए। उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई। वे सभी डिप्रेशन में चले गए। मैं यह नहीं सोच रहा था कि वह अपने परिवार का भरण पोषण अब कैसे करेंगे। इसके बाद सब ने मिलकर इतना बड़ा कदम उठा लिया। जिन कर्मचारियों को बाहर निकाला गया था, उनमें जमनाधार विश्वकर्मा, दीपक सिंह, राजेश मेमियोरिया, देवीलाल करेडिया, रवि करेड़िया, जितेंद्र धमनिया व शेखर वर्मा शामिल है।

20 साल से काम कर रहे थे इस कंपनी में

जहर खाने वाले सातों कर्मचारी पिछले बीस वर्षों से इसी कंपनी में काम कर रहे थे। अचानक कंपनी से निकाले जाने से सभी डिप्रेशन में आ गये। इस कारण गुरुवार को सातों कर्मचारी कंपनी गेट पर पहुंचे और वहां सभी ने एक साथ जहर खा लिया। इस घटना के बाद जहर खाने वाले सातों कर्मचारियों को आनन-फानन में एमवाय अस्पलात में भर्ती कराया गया। जहां सभी खतरे से बाहर हैं। 

कर्मचारियों के बयान लेने के बाद पुलिस करेगी कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी कंपनी गेट पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि कंपनी में 20 कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन सात माह से कंपनी का काम बंद है। कर्मचारियों को 7 माह से वेतन भी नहीं मिला है। जांच अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि जहर खाने वाले सभी कर्मचारियों का इलाज चल रहा है। इस कारण पुलिस उनका बयान नहीं ले पाई है। कर्मचारियों के स्वस्थ होने के बाद उनका बयान लिया जाएगा। इसके बाद ही पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

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