Ranchi news : वैशाख माह शुक्ल पक्ष प्रदोष व्यापिनी तृतीया तिथि मंगलवार 29 अप्रैल को होने के कारण इसी दिन भगवान श्रीपरशुरामजी का प्रकटोत्सव है। बुधवार 30 अप्रैल को मध्याह्नव्यापिनी वैशाख माह शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि होने के कारण इस दिन अक्षय तृतीया, नर-नारायण एवं भगवान हयग्रीव जन्मोत्सव है। इस दिन प्रात: स्नानोपरांत अपने आराध्य का पूजन कर अपने सामर्थ्यानुसार किसी जरूरतमंद को जल पूर्ण पात्र, अन्न, वस्त्र, छत्र, स्वर्ण आदि में से जो सम्भव हो का दान अवश्य करें। यह कहना है झारखंड के जाने-माने ज्योतिषी आचार्य ए के मिश्रा का।
उन्होंने कहा कि शास्त्रानुसार गुप्त दान को ही श्रेष्ठ माना जाता है। गुप्त दान का तात्पर्य है कि यदि हम दायें हाथ से दान करें, तो बायें हाथ को पता ना चले और यदि बायें हाथ से दान करें, तो दायें हाथ को पता ना चले। इसका तात्पर्य है कि दान में किसी भी प्रकार का दिखावा और आडम्बर नहीं होना चाहिए।
ए के मिश्रा ने बताया कि अक्षय तृतीया बुधवार 30 अप्रैल को प्रातः सूर्योदयोपरांत किसी भी समय पूजन, जप, हवन दान एवं अन्य नवीन शुभ कर्म किये जा सकते हैं। किन्तु, पूजन, जप, हवन दान एवं अन्य शुभ कर्मों हेतु शुभ मुहूर्त प्रातः 5:14 बजे से प्रातः 8:28 बजे तक, दिवा 10:07 बजे से दिवा 11: 43 बजे तक एवं दिवा 2:58 बजे से संध्या 5:59 बजे तक है। इनमें सर्वोत्तम मुहूर्त दिवा 10:07 बजे से दिवा 11:45 बजे तक है।
उन्होंने समस्त देशवासियों को भगवान श्रीपरशुराम जन्मोत्सव एवं अक्षय तृतीया के अति पावन अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं।



