Bhagalpur news : भागलपुर अंतर्गत नवगछिया के इस्माईलपुर थाना क्षेत्र स्थित भिठा गांव निवासी सेना के जवान संतोष कुमार (45) मंगलवार सुबह जम्मू में बलिदान हो गए। नौशेरा सेक्टर के समीप सांबा में आतंकवादियों को खोजने के दौरान हुई मुठभेड़ में उन्हें गोली लगी। घटना को लेकर के सेना द्वारा स्वजन को सूचना दी गई। जिस समय फोन आया, उस समय उनकी पत्नी गुड़िया देवी अपने बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में थीं। खबर सुनते ही वह बेसुध हो गईं।
संतोष भारतीय सेना के 317 फील्ड रेजिमेंट में सिपाही पद पर कार्यरत थे
संतोष पिछले 23 वर्षों से भारतीय सेना के 317 फिल्ड रेजिमेंट में सिपाही पद पर कार्यरत थे। उन्होंने मार्च, 2002 में सेना की नौकरी ज्वाइन की थी। लंबे समय तक नौकरी करने के बाद बच्चों को पढ़ाने एवं माता-पिता के साथ समय देने को लेकर के वह सेवानिवृत्ति लेना चाह रहे थे। पिछली बार ढाई माह पूर्व जब वह घर आए थे तो उन्होंने स्वजन को बताया कि अब वह सेवानिवृत्ति ले लेंगे। लगभग सारे काम हो गए हैं। संतोष अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। तीन पुत्रियों में बड़ी पुत्री दीक्षा ने इसी साल सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की परीक्षा पास की है। दूसरी पुत्री दीप्ती नवमी व तीसरी इशिका सातवीं कक्षा में है। सबसे छोटा पुत्र लव कुमार पांच वर्ष का है। सभी बच्चे भागलपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ रहे थे। लव बार-बार अपनी मां गुड़िया देवी से पूछ रहा है कि पापा को क्या हुआ है? बच्चियों ने कहा कि पापा ने जल्दी घर आने की बात कही थी। पत्नी गुड़िया देवी, बलिदानी की मां शीला देवी व पिता चंद्रदेव प्रसाद का रो-रोकर बुरा हाल है। बलिदानी के भाई अभिनव ने बताया कि भैया उन सबका सहारा थे। पिता पथराई आंखों से लोगों से पूछ रहे हैं कि कैसे हुई घटना! कुछ हमको भी बताओ। वह घर का लाल था।



