Ranchi News: कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि महिला सशक्तीकरण के लिए चलायी जा रहीं योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, लेकिन उन्हें मजबूत योजना और निरन्तर सहयोग की दरकार है। मंत्री शुक्रवार को चान्हो प्रखंड के रघुनाथपुर आजीविका महिला संयुक्त संकुल प्राथमिक स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड की आमसभा को सम्बोधित कर रही थीं।
मंत्री ने रघुनाथपुर क्लस्टर की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की महिलाएं अनुकरणीय कार्य कर रही हैं, लेकिन अभी भी काफी सम्भावनाएं बाकी हैं। उन्होंने जोर दिया कि जेएसएलपीएस के अधिकारियों को और बेहतर योजना बनानी होगी, ताकि विकास की धारा ग्रामीण क्षेत्रों से होकर बहे।
मंत्री तिर्की ने महिला समूहों को कृषि, पशुपालन, सहकारिता विभाग और जेएसएलपीएस की ओर से संचालित योजनाओं के प्रति जागरूक होने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सरकार की मदद से महिलाएं एफपीओ गठित कर मैचिंग इंसेंटिव का लाभ उठा सकती हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि गुमला की महिलाओं ने मड़ुआ उत्पादन को विदेश तक पहुंचाया है, जो महिला उद्यमिता की बड़ी सफलता है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार महिला समूहों को प्रसंस्करण यूनिट, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव जैसे सभी जरूरी क्षेत्रों में सहयोग करने को तैयार है ; बशर्ते महिलाएं स्वयं आगे बढ़ें और रोजगार का चुनाव करें।
सभा के दौरान बीते वर्ष की योजनाओं का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महिला समूहों के बीच ट्रैक्टर, बीज और बत्तख के चूजे वितरित किये गये।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, यास्मीन खातून, मालती देवी, शिव उरांव, शाहिदा खातून, प्रमिला उरांव, जया कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
महिलाएं एफपीओ गठित कर उठा सकती हैं मैचिंग इंसेंटिव का लाभ : शिल्पी नेहा तिर्की

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