▪︎ बेंगलुरु में हुई बैठक, 25 जुलाई को नयी दिल्ली में होनेवाले ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ पर हुई चर्चा
Ranchi News: कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित ओबीसी सलाहकार परिषद की दो दिवसीय बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई। बैठक में कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री सम्मिलित हुए। बैठक की अध्यक्षता कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने की। झारखंड से इस बैठक में तीन नेता सम्मिलित हुए, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव व एआईसीसी के सचिव अम्बा प्रसाद मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई 2025 को नयी दिल्ली में ओबीसी के हक और अधिकार के लिए ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ आयोजित किया जायेगा, जिसका उद्घाटन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे और समापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे।
ओबीसी सलाहकार परिषद की बैठक को सम्बोधित करते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सर्वप्रथम आजादी के बाद पहली बार ओबीसी सलाहकार परिषद के गठन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार जताया और कहा कि ओबीसी सलाहकार परिषद उस विमर्श को दिशा देगा और नारे से नीति तक लेकर जायेगा। ‘जितनी जिसकी आबादी, उतनी उसकी भागीदारी’ यह एक नारा नहीं बल्कि यह राष्ट्रीय संकल्प बनेगा। उन्होंने कहा कि ओबीसी का एक बड़ा हिस्सा देश में है, लेकिन सत्ता संरचनाओं में उसकी क्या भागीदारी है, क्या वे नौकरशाही में न्यायपालिका में, कॉरपोरेट सेक्टर और उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व रखते हैं ? अगर नहीं, तो इसका क्या कारण है और समाधान क्या है और इसका समाधान है सच्चाई को सामने लाना, जो इस परिषद के माध्यम से सामने आयेगा।
कांग्रेस विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों के आरक्षण पर मांग की और कहा कि जाति जनगणना केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र का नैतिक दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा की दीवार को ध्वस्त किया जाये।



