- एरिया 04 में संचालित मां अम्बे आउटसोर्सिंग में हुई घटना
- लबालब पानी से भरी थी खाई, वैन पूरी तरह डूबी
- माइन की बेंच में फंसे मिले दो मजदूर, बीसीसीएल की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला
Dhanbad News : बीसीसीएल एरिया 04 अंतर्गत संचालित मां अम्बे आउटसोर्सिंग कम्पनी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। लम्बी जमीन खिसकने के कारण कम्पनी की सर्विस वैन अचानक नियंत्रण खो बैठी और लगभग 400 फीट गहरी खाई में जा गिरी। खाई पानी से लबालब भरी थी, जिसमें वैन पूरी तरह डूब गयी।
वैन में पांच से सात मजदूरों के सवार होने की जानकारी मिली है। हादसे के बाद तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों ने अब तक एक मजदूर का शव निकाला, जबकि दो मजदूर माइन की बेंच में फंसे मिले, जिन्हें बीसीसीएल की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
मुनीडीह से चार गोताखोरों की विशेष टीम मौके पर पहुंची और खाई में गिरी वैन को बाहर निकाल लिया गया। बीसीसीएल के अधिकारी, डीजीएमएस की टीम, कतरास और अंगारपथरा ओपी के प्रभारी सहित भारी संख्या में सीआईएसएफ जवान के साथ साथ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
घटना की सूचना मिलते ही धनबाद सांसद ढुल्लू महतो घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर गम्भीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बीसीसीएल माइंस एक्ट के अनुसार कार्य नहीं करती, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ को अस्वीकार्य बताया। मृतक राहुल रवानी के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि राहुल मां अम्बे कम्पनी में मैकेनिकल का काम करता था और उन्हें उसके साथी से हादसे की जानकारी मिली। मृतकों में राहुल रवानी (बलियापुर) सौरभ गोप (चालियामा, बंगाल) का है। इस सम्बन्ध में प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए महाप्रबंधक राजकुमार अग्रवाल को फोन किया गया, तो फोन फॉरवर्डेड बता रहा था। आउटसोर्सिंग प्रबंधन भी इस मामले में अपनी चुप्पी साधे हुए है।
कांग्रेसी नेता सह बिहार जनता खान मजदूर संघ के महामंत्री रणविजय सिंह शुक्रवार को बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र अंर्तगत वेस्ट मोदीडीह कोलियरी के कांटापहाड़ी पहुंचे। यहां संचालित मां अम्बे आउटसोर्सिंग परियोजना के 400 फीट गहरी खाई में सर्विस वैन गिरने की घटना का जायजा लिया। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्य का जायजा लिया। बीसीसीएल के अधिकारियों से आवश्यक जानकारी हासिल की। उन्होंने बचाव कार्य में तेजी लाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग बीसीसीएल व आउटसोर्सिंग प्रबंधन से की।
मौके पर छोटू सिंह, उदय सिंह, सरोज सिंह, कंचन पासवान, मंटू खान उपस्थित थे।
अम्बे माइनिंग में हुई घटना बिना प्रशासनिक संरक्षण के सम्भव नहीं : चंद्र प्रकाश चौधरी
इधर, गिरिडीह लोकसभा के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में लगातार जारी अवैध खनन की घटनाओं पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने कई बार पत्र के माध्यम से बीसीसीएल प्रबंधन एवं राज्य सरकार को अवगत कराया है कि क्षेत्र में कोयला चोरी एवं अवैध खनन तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन मौन है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लगातार पत्राचार एवं चेतावनी देने के बावजूद बाघमारा क्षेत्र में अवैध खनन रुकने के बजाय और अधिक बढ़ा है। यह स्पष्ट संकेत है कि बीसीसीएल प्रबंधन इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहा है। इसका ताजा उदाहरण रामकनाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत अम्बे माइनिंग में हुई घटना है।
चेतावनी दी कि यदि आउटसोर्सिंग कम्पनियां, बीसीसीएल और जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाये गये, तो इसके गम्भीर परिणाम होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन की होगी।
गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने बताया कि इस तरह की घटना यह बताती है कि सिर्फ मां अम्बे आउटसोर्सिंग ही नहीं, बीसीसीएल के तमाम आउटसोर्सिंग डीजीएमएस के नियम के विरुद्ध चल रहे हैं। इस कारण इस प्रकार का हादसा हो रही है। हालांकि, हमारे सांसद ने इस तरह की घटना होने की आशंका जताते हुए दो महीना पहले सूचित किया था, लेकिन बीसीसीएल प्रबंधन ने इसे नजरअंदाज कर दिया।



