Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

RARE COINCIDENCE : खगोलीय पिंड भी मना रहे हिन्दू नववर्ष, शुक्र और शनि पूर्वी आकाश में तिकड़ी बनाकर कर रहे हिन्दू नववर्ष का स्वागत

RARE COINCIDENCE : खगोलीय पिंड भी मना रहे हिन्दू नववर्ष, शुक्र और शनि पूर्वी आकाश में तिकड़ी बनाकर कर रहे हिन्दू नववर्ष का स्वागत

अनेक विविधताओं के साथ दो अप्रैल से हिन्दू नववर्ष 2079 की शुरुआत हो रही है। नया साल अनेक खगोलीय घटनाओं को भी अपने साथ लाया है। आकाश में खगोलीय पिंड भी हिन्दू नववर्ष 2079 मनाते नजर आ रहे हैं। नए साल के मौके पर आसमान में पांच ग्रहों की कतार भी देखने को मिलेगी। भोपाल की राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस बाबत बताया कि विक्रम संवत 2079 की शुरुआत के दो दिनों में सूर्योदय के कुछ पहले मंगल, शुक्र और शनि पूर्वी आकाश में एक दूसरे से मिलते हुये तिकड़ी बनाकर हिन्दू नववर्ष का स्वागत करेंगे। अप्रैल के अंतिम दिन सुबह बृहस्पति और शुक्र एक-दूसरे से नजदीकियां और बढ़ा लेंगे।

रक्षा बंधन पूर्णिमा का दिन बेहद खास होगा

आगे उन्होंने कहा कि बादल बाधा न बने तो जून के अंतिम सप्ताह में मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि सूरज उगने से पहले एक कतार में दिखाई देंगे। सुबह सवेरे के आकाश में इन पंचग्रहों को कतारबद्ध देखने का दुर्लभ अवसर होगा। अगर आप चांद की सुन्दरता देखना चाहते हैं तो 14 जून और रक्षा बंधन पूर्णिमा का दिन बेहद खास होगा। सारिका ने बताया कि अगर आप ग्रहों को नजदीकी से चमक के साथ खाली आंखों से देखना चाहते हैं तो यह मौका स्वतंत्रता दिवस पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान मिलेगा। इस दौरान आकाश में शनि चमकदार होगा। इसके साथ ही सितंबर का अंतिम सप्ताह गुरु दर्शन के लिये सबसे अच्छा होगा। दिसम्बर का दूसरा सप्ताह शाम को आकाश में लाल ग्रह मंगल के दर्शन अच्छे से कराएगा। अगर आपके पास टेलिस्कोप नहीं है तो भी आप इन्हें अपने ही घर की छत या आंगन से देख पाएंगे।

08 नवंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा

सारिका ने इस वर्ष पड़ने वाले ग्रहण की जानकारी देते हुए बताया कि दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को भारत के साथ मध्यप्रदेश के आम लोग भी आंशिक सूर्य ग्रहण देख पाएंगे। इसके बाद 08 नवंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, लेकिन भारत में चंद्रोदय के कुछ समय पहले आंशिक एवं उपछाया ग्रहण के रूप में घटित होगा। सारिका घारू ने नए साल में रात्रि आकाश की विविधताओं को बताने के उद्देश्य से मेरा आसमान कैलेन्डर को जारी किया। सारिका ने इस कैलेन्डर की प्रथम प्रति गत दिनों प्रदेश के प्रथम नागरिक राज्यपाल मंगुभाई पटेल को भेंट की है। सारिका ने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर से 57 साल आगे चल रहा लगभग 354 दिन चलने वाला यह विक्रम संवत 21 मार्च 2023 तक चलेगा। इस नये साल में धरती के साथ आकाशीय पिंडों को भी देखिये और नये साल में नई विविधताओं के दीदार कीजिए।

Share this:

Latest Updates