Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

संसद का शीतकालीन सत्र आज, सर्वदलीय बैठक में अदाणी केस, मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग

संसद का शीतकालीन सत्र आज, सर्वदलीय बैठक में अदाणी केस, मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग

▪︎सत्र के हंगामेदार होने के आसार, अदाणी पर होगी तकरार

New Delhi News: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार से होनेवाली है, उससे पहले केन्द्र सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलायी। इस बैठक में संसद के शीतकालीन सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए पार्टियों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की गयी। सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने अदाणी समूह के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा की मांग की। इससे साफ है कि विपक्ष शीतकालीन सत्र में भी इस मुद्दे को उठायेगा, जिससे संसद सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, लेकिन महाराष्ट्र चुनाव में जीत के बाद यकीनन सत्ताधारी भाजपा को थोड़ा आत्मविश्वास जरूर मिला होगा।
सर्वदलीय बैठक का आयोजन संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना, बीजद और अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए। शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवम्बर से शुरू होकर 20 दिसम्बर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा। वहीं, उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका द्वारा लगाये गये आरोपों को लेकर भी विपक्ष केन्द्र पर हमलावर है।

अदाणी मुद्दे पर सबसे पहले चर्चा की मांग

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गौतम अदाणी मामले पर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से सत्र में अदाणी रिश्वत कांड पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया जाये। राज्यसभा सांसद ने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गम्भीर मुद्दा है, क्योंकि कम्पनी ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदा पाने के लिए राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित तौर पर 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।  शीतकालीन सत्र के शुरुआती हफ्ते के अंत में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बनी जेपीसी अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। हालांकि, जेपीसी में शामिल विपक्षी सांसद रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय देने की मांग कर रहे हैं। बैठक में 26 नवम्बर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।

16 विधेयक सूचीबद्ध, हो सकते हैं पेश

सरकार ने सत्र में विचार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सहित 16 विधेयक सूचीबद्ध किये हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पंजाब कोर्ट्स संशोधन विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, तटीय शिपिंग विधेयक और भारतीय बंदरगाह विधेयक पेश किये जा सकते हैं। इनके अलावा भारतीय वायुयान विधेयक, जो लोकसभा से पारित हो चुका है, वह राज्यसभा में लम्बित है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ विधेयक समेत आठ विधेयक लम्बित हैं। साथ ही, राज्यसभा में दो विधेयक लंबित हैं। एक देश एक चुनाव विधेयक इस संसद सत्र में पेश करने की उम्मीद कम ही है।

बैठक में 30 पार्टियों के 42 नेता रहे मौजूद

बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में 30 राजनीतिक दलों के कुल 42 नेता मौजूद थे। सभी ने कुछ विषयों पर चर्चा के लिए कहा है लेकिन हम चाहते हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में अच्छी चर्चा हो। सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। हमारा बस इतना अनुरोध है कि सदन अच्छे से चले और हंगामा न हो। शीतकालीन सत्र को अच्छे से चलाने के लिए सभी का सहयोग चाहिए और सभी की भागीदारी जरूरी है।

Share this:

Latest Updates