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सीआईटीयू का मजदूर – किसान जन विरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन  

सीआईटीयू का मजदूर – किसान जन विरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन  

Dhanbad News : मंगलवार को सीआईटीयू , अ. भा. किसान सभा तथा मजदूर कर्मचारी समन्वय समिति ने संयुक्त रूप से रंधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया। इससे पहले किसान – मजदूर के साथियों ने रंधीर वर्मा चौक से ही जुटकर रैली निकाला जो मुख्य मार्ग पार्क मार्केट से होकर पुनः रंधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन व सभा किया। तत्पश्चात महामहिम राष्ट्रपति महोदया को जिला उपयुक्त धनबाद के माध्यम से ज्ञापन पत्र भेजा।                                                                                                   इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आम जनता के जीवन और आजीविका पर केंद्र सरकार की नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारियों के स्वतंत्र फैडरेशनों और किसान संगठनों द्वारा लगातार स्वतंत्र और संयुक्त कार्यक्रम की जा रही हैं । लगातार अभियान चलाकर वैकल्पिक नीतियों के रूप में जन मुद्दों पर मांग उठाने के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा उन मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आगे वक्ताओं ने कहा कि 24 अगस्त 2023 को तालकटोरा स्टेडियम में पहली बार अखिल भारतीय मजदूर-किसान सम्मेलन ने मांगों का एक चार्टर अपनाया था और उस पर निरंतर संघर्ष का आह्वान किया गया था। नवंबर 2023 में महापड़ाव, 16 फरवरी 2024 को आम हड़ताल और ग्रामीण बंद, 23 सितम्बर 2024 को काला दिवस, जैसे कार्यक्रमों द्वारा सरकार की मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी नीतियों को उजागर करने और उनका विरोध करते हुए हमारे अभियान द्वारा सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर अनिर्णीत बनी हुई है । इस लिए देश का उत्पादक वर्ग यानि किसान और मजदूर वर्ग अपनी मांगों पर समुचित ध्यान न दिए जाने के कारण वंचित महसूस कर रहा है। केंद्र सरकार के इन उदासीन रवैये ने बुनियादी उत्पादक वर्गों को, आम लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ी मांगों के लिए फिर से कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मजबूर किया है। कार्यक्रमों की अगली कड़ी में 26 नवंबर-2024 को पूरे भारत में सभी जिला केंद्रों पर किसानों और मजदूरों को लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन  करने का निर्णय लिया गया है। फिर वक्ताओं ने याद दिलाते हुए कहा कि यह कार्यक्रम कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान, 3 काले कृषि कानूनों और चार श्रम संहिताओं के साथ-साथ किसानों और मजदूरों के अन्य ज्वलंत मुद्दों के खिलाफ  ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन यानी 26 नवंबर 2020 को किसानों के दिल्ली मार्च और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी आम हड़ताल की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है।

26 नवंबर 2024 को, ये देशव्यापी जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन 24 अगस्त 2023 को तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में मजदूरों और किसानों के पहले अखिल भारतीय सम्मेलन द्वारा अपनाए गए मांगों के चार्टर पर आधारित है।

इस पृष्ठभूमि में, हम देश और जनता के हित में देश के मजदूर वर्ग की निम्नलिखित मांगें रखते हुए, महामहिम राष्ट्रपति महोदया से व्यक्तिगत हस्तक्षेप का विनम्र अनुरोध करते हैं ताकि एनडीए सरकार को मजदूरों, किसानों और आम जनता तथा देश के हित में इन मुद्दों को गंभीरता से संबोधित करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

 मुख्य मांगे इस प्रकार हैं

चार श्रम संहिताओं को अविलंब निरस्त Subh जाए ।

सभी सार्वकालिक कार्यों का ठेकेदारीकरण या आउटसोर्सिंग बंद किया जाए

रक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण पर रोक लगाया जाए।

वक्ताओं में सीटू जिला महामंत्री राम कृष्णा पासवान, किसान सभा जिला संयोजक साथी परशुराम महतो और मजदूर कर्मचारी समन्वय समिति जिला कार्यकारी अध्यक्ष साथी हेमन्त मिश्रा मुख्य थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू जिला अध्यक्ष साथी आनंदमय पाल ने किया।

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