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छत्रपति शिवाजी महाराज अखंड भारत के लिए भी हैं प्रेरणा : अमित शाह

छत्रपति शिवाजी महाराज अखंड भारत के लिए भी हैं प्रेरणा : अमित शाह

▪︎ केन्द्रीय गृह मंत्री ने रायगढ़ में शिवाजी महाराज की 354वीं पुण्यतिथि स्मरणोत्सव समारोह लिया भाग

Mumbai News: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को रायगढ़ में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। खुद को ‘आलमगीर’ कहनेवाले औरंगजेब की हार महाराष्ट्र में हुई थी और उसकी कब्र भी यहीं है। वह शनिवार को रायगढ़ जिले में शिवाजी महाराज की 354वीं पुण्यतिथि स्मरणोत्सव समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्हें शिंदेशाही पगड़ी और कावड़ी की माला से सम्मानित किया गया।

छत्रपति शिवाजी महाराज ने महाराष्ट्र को हिन्दू स्वराज में बदलने का काम किया


अमित शाह ने कहा कि जीजाबाई ने न केवल शिवाजी को जन्म दिया, बल्कि बालक शिवाजी को स्वराज्य का विचार भी दिया। उन्होंने हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक को बनाने का महान कार्य किया। रायगढ़ में स्वर्ण सिंहासन पर शिवाजी को श्रद्धांजलि देते हुए अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। शाह ने कहा कि शिवराज ने अपना पूरा जीवन स्वराज्य और स्वधर्म के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने आदिलशाही और निजामशाही से घिरे महाराष्ट्र को हिन्दू स्वराज में बदलने का काम किया ।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने शिवाजी के साहस की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जन्म के समय महाराष्ट्र अंधकार में डूबा हुआ था और स्वधर्म व स्वराज्य की बात करना अपराध माना जाता था। शिवरात्रि पर भगवा ध्वज फहराने और स्वराज्य स्थापित करने का संकल्प लिया गया। मैंने कई नायकों की जीवनी पढ़ी है, लेकिन मुझे किसी भी नायक में शिवाजी जैसा साहस और पराक्रम नहीं दिखा। आज हम छत्रपति शिवाजी महाराज के रायगढ़ से संकल्प कर रहे हैं कि जब हमारी आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तो भारत दुनिया में नम्बर एक होगा।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि शिवाजी की विरासत केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया के लिए प्रेरणा है। शिवाजी के बाद के युग में मराठों ने औरंगजेब के हमलों का कैसे सामना किया, इसका जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज, राजाराम महाराज, तारा रानी, संताजी और धनाजी ने औरंगजेब के खिलाफ अथक संघर्ष किया। इसीलिए उनकी समाधि इसी धरती पर बनायी गयी है। मराठों के इस पराक्रम के कारण स्वराज्य की गरिमा बरकरार रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले, मंत्री आशीष शेलार और कई अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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