Chandigarh News: बादल को प्रधान चुना। इस चुनाव के बाद पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह का अंत हो गया है। सुखबीर बादल के नेतृत्व पर सवाल खड़े करने वाले बागी अकाली भी अब शांत हो गये हैं।
सुखबीर बादल पहली बार वर्ष 2008 में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान चुने गये थे। इसके बाद सत्ता में आयी अकाली दल की सरकार के दौरान पंजाब में बेअदबी की घटनाओं ने पार्टी की छवि को धूमिल कर दिया। वर्ष 2017 के चुनाव में अकाली दल को काफी नुकसान झेलना पड़ा और 2022 के चुनाव में पार्टी केवल तीन सीटों पर सिमट गयी। इसके बाद सुखबीर बादल के नेतृत्व पर सवाल उठने शुरू हो गये। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अकाली दल को 13 में से केवल एक सीट पर ही जीत हासिल हुई।
पार्टी के भीतर उठे विवाद को शांत करने के लिए सुखबीर बादल ने अकाल तख्त पर पेश होकर माफी भी मांगी और पिछले साल 16 नवम्बर को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वरिष्ठ अकाली नेता बलविंद्र सिंह भूंदड़ को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और फिर पंजाब में पार्टी द्वारा सदस्यता अभियान चलाया गया। जिला स्तर पर डेलीगेट सदस्य बनाये गये, जिन्होंने शनिवार को फिर से सुखबीर बादल को प्रधान चुन लिया।
सुखबीर बादल बने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान

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