Ranchi news : श्री साहित्य कुंज छठवें वार्षिकोत्सव के अवसर पर जमशेदपुर के रचनाकारों को स्मृति चिह्न अंग वस्त्र एवं पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया गया। सम्मानित होनेवाले रचनाकार वरिष्ठ कवयित्री प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’, हुलास मंच के संस्थापक एवं महाकवि श्यामल सुमन झा, लेखिका एवं कवयित्री अनीता निधि, कवयित्री पूनम सिन्हा, कवयित्री नीलम पेड़ीवाल, आ. पूनम सिन्हा ‘भावशिखा’ आ. वीणा नंदनी आदि रहे।
मंच की दो प्रतिभावान कवयित्रियों की प्रथम एकल कृति को संस्था द्वारा साहित्य नवप्रभा सम्मान प्रदान किया गया। सिम्मी नाथ को उनकी प्रथम एकल काव्य कृति “सुधा सलिला” के लिए निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, प्रमोद झा एवं प्रतिभा प्रसाद कुमकुम ने स्मृति चिह्न अंग वस्त्र एवं पगड़ी पहना कर सम्मानित किया। सम्मानित होनेवाली दूसरी रचनाकार खुशबू बरनवाल ‘सीपी’ की एकल काव्य कृति “सीपी मुक्तावली” के लिए श्यामल सुमन झा एवं आ.उर्मिला सिन्हा एवं आ. निर्मला कर्ण ने स्मृति चिह्न अंग वस्त्र एवं पगड़ी पहना कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रकाशित तीन साझा काव्य संग्रह, “प्रतिनधि कविताएं भाग-2”, गजल संग्रह “कहकशां” एवं झारखंड की बोलियों की मुखर दस्तावेज बहुभाषीय काव्य संग्रह “अरण्य रसना” एवं संस्था की आधिकारिक पत्रिका “साहित्य संवाहक” का लोकार्पण किया गया।
इस वर्ष का सक्रियता सृजनशीलता का सम्मान मधुमिता साहा को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंच द्वारा आयोजित वार्षिक प्रतियोगिता की विजेताओं को अंग वस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें क्रमशः प्रथम स्थान के लिए आ. पुष्पा सहाय ‘गिन्नी’ द्वितीय आ. संगीत वर्मा एवं तृतीय आ. चेतना यादव को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्था की एक और सारस्वत पहल नयी लेखनी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “नव अंकुरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। नव अंकुरण सम्मान का गौरव जिन्हें प्राप्त हुआ, उनमें क्रमशः सोनी वर्मा, रागिनी राखी, एवं सम्पदा ठाकुर को अंग वस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर नव “अंकुरण सम्मान” सम्मान से सम्मानित कर उनकी लेखनी को प्रोत्साहित किया गया।
इस सारस्वत कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची के वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्कृति साहित्य मंच के वर्तमान अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव जी ने किया। मुख्य अतिथि जमशेदपुर हुलास मंच के संस्थापक महाकवि आ. श्यामल सुमन झा रहे। विशिष्ट अतिथि से मंच को गौरव प्रदान जमशेदपुर की वरिष्ठ कवयित्री एवं छंदकार प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. जंगबहादुर पांडेय, रांची दूरदर्शन के पूर्व प्रमोद झा, पूर्व प्राचार्या, उर्मिला सिन्हा, संस्था कार्य समिति की उपाध्यक्ष निर्मला कर्ण, राजकमल विद्या मंदिर धनबाद के संस्थापक प्राचार्य आ. वासुदेव प्रसाद, वरिष्ठ साहित्यकार, राकेश रमन ‘रार’, वरिष्ठ गीतकार आ. चंद्रिका प्रसाद ‘देशदीप’, प्रसिद्ध गजलकार आ. कामेश्वर प्रसाद ‘कामेश’ ने किया।
संस्था की अध्यक्ष आ. प्रतिमा त्रिपाठी द्वारा स्वागत उद्बोधन किया गया। संस्था की संस्थापिका मनीषा सहाय द्वारा संस्था के कार्य और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। मंच सञ्चालन संस्था की उपाध्यक्ष बिन्दु प्रसाद रिद्धिमा, भावना अम्बष्ठा, मधुमिता साहा एवं सिम्मी नाथ द्वारा क्रमशः सत्र अनुसार किया गया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था कार्य समिति की उपाध्यक्ष आ. निर्मला कर्ण द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिनकी उपस्थिति रही, उनमें आ. रेणु झा रेणुका, मंजुला सिंह, रश्मि सिन्हा, नीलम पेड़ीवाल, पूनम सिन्हा, अनिता निधि, ऋतुराज वर्षा, रेणु बाला धार, अर्चना श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, समिता, रिम्मी वर्मा, सुनीता अग्रवाल, ओमप्रकाश, रंजन बरनवाल, निराला, उमेश महतो आदि के नाम प्रमुख हैं।



