▪︎ 1911 में गठित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ 56 देशों का भव्य संगठन बन कर उभरा
Ranchi News: झारखंड विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा की वार्षिक आम बैठक आयोजित हुई।
बैठक की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष सह सभापति राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखण्ड शाखा रबीन्द्रनाथ महतो ने अपने प्रारम्भिक वक्तव्य से की। सीपीए झारखंड शाखा के पूर्व सदस्य कृष्णानंदन झा एवं बच्चा सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन धारण भी किया गया।
अध्यक्ष ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की स्थापना एवं संगठन की भूमिका के सम्बन्ध में कहा कि वर्ष 1911 में गठित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ 56 देशों का भव्य संगठन बन कर उभरा है, जो संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। सुशासन लोकतंत्र एवं मानव अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए तथा क़ानून निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।
अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जैसे बड़े संगठन में हम अपनी उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित न होकर ऐसे सम्मेलन से राष्ट्र की तरक़्क़ी में हम अपनी भागीदारी किस तरह निभा पायें, इस पर भी हमें सोचना चाहिए।
आगामी सम्मेलन के सम्बन्ध में उन्होंने बैठक में जानकारी दी कि 06 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025 तक सीपीए का 68 वां सम्मेलन सम्मेलन बारबाडोस में आयोजित होगा।
प्रभारी सचिव झारखंड विधानसभा सह सचिव राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा माणिक लाल हेम्ब्रम ने बैठक में वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किये एवं जानकारी दी कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा के सदस्यों की संख्या वर्तमान में 137 है।
उक्त बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपक बिरूवा, सदस्य चंदेश्वर प्रसाद सिंह, सदस्य जनार्दन पासवान, सदस्य डॉक्टर नीरा यादव, सदस्य निरल पूरती, सदस्य उमाकांत रजक, सदस्य रामचंद्र सिंह, पूर्व सदस्य दिनेश उरांव, पूर्व सदस्य शशांक शेखर भोक्ता, पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह सहित सीपीए झारखंड शाखा से जुड़े सदस्यगण उपस्थित रहे।



