…और इस सिरफिरे डॉक्टर ने मरीज को प्लेटलेट्स की जगह चढ़ा दिया था मौसमी का जूस, प्राथमिकी दर्ज

Prayagraj Uttar Pradesh news : प्लेटलेट्स (platelets) की जगह मौसमी  का जूस चढ़ाने से डेंगू पीड़ित मरीज प्रदीप पांडेय की मौत प्रकरण में शुक्रवार को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 10 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। देर शाम अफसरों ने प्लेटलेट्स का वह बैग भी कब्जे में ले लिया, जिसमें मौसमी का जूस होने की बात बताई जा रही है। इस बीच राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एसएसपी और सीएमओ से संयुक्त जांच आख्या मांगी है।  

10 दलाल किए गए गिरफ्तार

इस मामले में जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री (IAS Sanjay Kumar Khatri) वह एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय (Shailesh Kumar Pande) ने मीडिया को बताया कि प्रदीप की मौत के बाद खून और प्लेटलेट (platelets) की दलाली करने वाले 10 लोगों की गिरफ्तारी (10 people arrested) हुई है, लेकिन यह साफ नहीं है कि प्रदीप को प्लेटलेट चढ़ाया गया अथवा मौसमी का जूस? शाम करीब साढ़े सात बजे अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) सौरभ भट्ट के नेतृत्व में टीम ने पीड़ित परिवार के पास जाकर उस बैग को अपनी सिपुर्दगी में ले लिया, जिसमें मौसमी का जूस होने का दावा किया गया। 

प्रयोगशाला भेजा जाएगा सैंपल

इसकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वैसे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार शाम 6.31 बजे किए ट्वीट में ही यह दावा कर दिया था कि प्लेटलेट्स का पैकेट जांच के लिए भेजा गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नानक सरन ने बताया कि जिलाधिकारी ने अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। धूमनगंज पुलिस ने प्रदीप की पत्नी वैष्णवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। कार्यवाहक थाना प्रभारी वजीउल्ला खान ने बताया कि मुकदमे में प्लेटलेट्स देने वाला सतीश साहू नामजद है, बाकी अज्ञात। अस्पताल के डाक्टर-कर्मचारी भी आरोपित बनाए गए हैं। 

19 अक्टूबर को हो गई थी मरीज की मृत्यु

बताते चलें कि ग्लोबल हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर (trama center) में बाकराबाद धूमनगंज निवासी डेंगू पीड़ित प्रदीप पांडेय को 14 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था। उनकी हालत 17 अक्टूबर को बिगड़ने लगी। इसी दिन उसे लाउदर रोड स्थित आदित्य हास्पिटल (Aditya hospital)  में भर्ती कराया गया, जहां 19 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। यहीं वो बैग (platelets bag) संदिग्ध बताया गया जो ग्लोबल हास्पिटल में दिया गया था। इस पर एसआरएन ब्लड बैंक का रैपर था, जो फर्जी मिला। कुल आठ पैकेट प्लेटलेट्स की डिमांड थी। 

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