New Delhi News : राऊज एवेन्यू कोर्ट में नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में शुक्रवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से दलीलें रखी गयीं। सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया है। इस मामले में स्पेशल जज विशाल गोगने ने 05 जुलाई को राहुल गांधी की ओर से दलीलें सुनने का आदेश दिया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है। उन्होंने कहा कि ये मनी लांड्रिंग का ऐसा मामला है, जिसमें सम्पत्ति का कोई जिक्र नहीं है। सिंघवी ने कहा कि यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड (एजीएल) को कर्ज मुक्त करने के लिए की।
सिंघवी ने कहा कि हर कम्पनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है। कम्पनियां अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए दूसरी कम्पनी को दे देती हैं। यंग इंडियन लाभ कमानेवाली कम्पनी नहीं है। इसका मतलब है कि ये लाभांश, भत्ता, वेतन या बोनस नहीं दे सकती हैं। ये कम्पनी कुछ नहीं दे सकती। ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बना कर कार्रवाई शुरू की। सोनिया गांधी कांग्रेस की हैं। नेशनल हेराल्ड में कांग्रेस का सम्बन्ध नहीं होना वैसा ही जैसा हेमलेट के बिना डेनमार्क की रानी। इस मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार इस कोर्ट को नहीं है।
ईडी की ओर से 03 जुलाई को दलीलें पूरी कर ली गयी थी। ईडी की ओर से पेश अटॉर्नी सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन 2000 करोड़ की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी लांड्रिंग का एक क्लासिक मामला है। शेयर होल्डिंग सिर्फ नाम के लिए है और अन्य आरोपित गांधी परिवार की कठपुतली हैं। राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं। उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य 2000 करोड़ रुपये प्राप्त करना था।
नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी की ओर से कोर्ट में रखी गयींं दलीलें

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