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पटाखा फैक्ट्री का बॉयलर फटा, 17 श्रमिकों की मौत

पटाखा फैक्ट्री का बॉयलर फटा, 17 श्रमिकों की मौत

▪︎ विस अध्यक्ष पहुंचे डीसा, विपक्ष ने सरकार को घेरा

▪︎ स्वास्थ्य मंत्री पटेल ने कहा दो आरोपितों को पकड़ा गया

▪︎ मृतकों को 04 लाख रुपये की मदद की घोषणा

Disha News : गुजरात के डीसा की पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या 17 हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने मृतकों के प्रति संवेदना जताते हुए परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। घटना के बाद गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी डीसा पहुंच गए और हॉस्पिटल में जाकर घायलों की स्थिति की जानकारी। दूसरी ओर मामले में विपक्ष ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीव्र नाराजगी जतायी है।
बनासकांठा जिले के डीसा के समीप ढुंवा रोड स्थित जीआईडीसी के पटाखा गोदाम में मंगलवार सुबह भीषण ब्लास्ट में मृतकों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मृतकों में 4 से 5 किशोरों के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक 17 श्रमिकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। 6 घायल श्रमिकों का इलाज किया जा रहा है। सभी मृतक मध्य प्रदेश के बताए गए हैं, जो दो दिन पहले ही रोजगार के लिए डीसा आए थे।

गुनाहगारों को बख्शा नहीं किया जाएगा: मंत्री
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री व सरकारी प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने बताया कि घटना के 2 आरोपितों को पकड़ा गया है। दूसरी ओर मृतक के परिजन फैक्ट्री मालिक को हाजिर करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक फैक्ट्री मालिक हाजिर नहीं किया जाता, हम शव नहीं स्वीकार करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने हादसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हॉस्पिटल में भर्ती सभी घायलों का बेहतर इजाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसकी जांच सौंपी है। उन्होंने कहा कि गुनाहगारों को बख्शा नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि घटना में 17 लोगों की मौत हुई है। बारंबार इस तरह की घटना गुजरात में हो रही है। पूर्व की घटनाओं से सरकार कोई सबक नहीं ले रही है। डीसा में निर्दोष व्यक्तियों की मौत पर कांग्रेस दुख व्यक्त करती है। मृतक मजदूरी करने वाले गरीब लोग हैं। इनकी जान की कीमत नहीं चुकाई जा सकती है।

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