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डॉ. मनसुख मांडविया ने रांची में 220 बिस्तरों वाले नव विकसित ईएसआईसी अस्पताल का किया उद्घाटन

डॉ. मनसुख मांडविया ने रांची में 220 बिस्तरों वाले नव विकसित ईएसआईसी अस्पताल का किया उद्घाटन

ईएसआईसी का यह अस्पताल केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक मंदिर है : मनसुख मांडविया

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केन्द्रीय मंत्री ने ईएसआई लाभार्थियों को नकद लाभ प्रमाण पत्र/स्वीकृति पत्र प्रदान किया, साथ ही निर्माण श्रमिकों को किया सम्मानित

Ranchi news : केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को 17 अप्रैल को झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम में 220 बिस्तरों वाले नव विकसित ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक अस्पताल झारखंड राज्य में कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ-साथ प्रदीप वर्मा, सांसद (राज्यसभा);  राजेश कच्छप, विधायक, खिजरी, रांची और ईएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मांडविया ने ईएसआई के लाभार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें नकद लाभ प्रमाण पत्र/स्वीकृति पत्र प्रदान किये और इस अस्पताल के निर्माण में शामिल श्रमिकों को भी सम्मानित किया।

अपने सम्बोधन में माननीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि आज का दिन रांची के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। आनेवाले दिनों में इस अस्पताल से 03 लाख से अधिक श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

उन्होंने बताया कि यह अस्पताल केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे श्रमिकों की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। कोविड महामारी के बाद किये गये सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही, 60 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति वर्ष 05 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

अपने सम्बोधन का समापन करते हुए उन्होंने कहा, “यह अस्पताल केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक मंदिर है। यहां कार्यरत सभी चिकित्सक और कर्मचारी पुजारी के समान हैं, और जो भी मरीज यहां आते हैं, वे हमारे लिए भगवान के समान हैं। हम उनकी पूरी सेवा श्रद्धा और समर्पण के साथ करेंगे।”

 केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अस्पताल के उद्घाटन पर सभी को शुभकामनाएं दीं और गरीबों, कमजोर वर्ग के लोगों की ज्यादा से ज्यादा सेवा करने की सलाह की। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज यहां खुले, ताकि क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाओं में और सुविधा और बेहतरी आये। मैं कोरोना काल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नेतृत्व करने के लिए मनसुख मांडविया जी की झारखंड की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जून 2018 में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी। निर्माण 31 मई 2018 को शुरू हुआ और अब पूरा हो चुका है। अब इस अस्पताल को 220 बिस्तरों वाले अस्पताल में बदल दिया गया है।  

गौरतलब है कि, ईएसआई कॉर्पोरेशन ने अक्टूबर 2024 में 50 एमबीबीएस सीटों वाले एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को भी मंजूरी दी, जिसका संचालन भी निकट भविष्य में शुरू होनेवाला है।

अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, स्त्री रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग (आंख) और दंत चिकित्सा जैसे आवश्यक विभागों के साथ-साथ विभिन्न सहायक सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यह बाह्य रोगी (ओपीडी) और आंतरिक रोगी (आईपीडी) दोनों तरह की स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करता है। इस प्रकार ईएसआई लाभार्थियों की चिकित्सा जरूरतें प्रभावी ढंग से पूरी की जाती हैं। उन्नत अस्पताल अब स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी उपचार भी प्रदान करेगा, जिससे रांची और पड़ोसी जिलों के निवासियों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार होगा।

इस आधुनिकीकृत अस्पताल से 05 लाख से अधिक बीमित व्यक्तियों (आईपी) और उनके आश्रितों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल परिसर में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार अतिरिक्त मंजिलें हैं, जो 7.9 एकड़ के परिसर में फैली हुई हैं। नयी इमारत का निर्माण 99.06 करोड़ की लागत से किया गया है और यह 17559 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है।

इस 04 मंजिला अस्पताल में  03 आधुनिक ऑपरेशन थियेटर (ओटी) हैं, एक अतिरिक्त ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का और प्रावधान है। इसमें 34 वार्ड और 06 आइसोलेशन वार्ड, 40 ओपीडी कमरे और सभी डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह मुहैया कराया गया है।

गौरतलब है कि नामकुम, रांची में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना मूल रूप से 1987 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना था। चार दशकों से अधिक समय से, इस अस्पताल ने रांची और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक श्रमिकों की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

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