Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

झारखंड में पहली बार बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किया मॉक ड्रिल

झारखंड में पहली बार बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किया मॉक ड्रिल

Jharkhand top news, Jharkhand latest Hindi news, Ranchi top news, Ranchi  latest Hindi news, Ranchi Top news : झारखंड में यदि बाढ़ की स्थिति बनती है और बाढ़ में लोग फंस जाते हैं, तो उन्हें कैसे रेस्क्यू किया जाये, इसे लेकर गुरुवार को रांची के धुर्वा डैम सहित राज्य के सभी 24 जिÞलों में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से बाढ़ में फसे लोगों को रेस्क्यू कर उन तक रिलीफ पहुंचाने, चिकित्सीय सुविधा पहुंचाने सभी विभाग कैसे आपस में समन्वय बना कर राहत एवं बचाव कार्य करें, इसी को लेकर धुर्वा डैम में मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के ब्रिगेडियर बीरेन्द्र ठाकर के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर  ब्रिगेडियर बीरेन्द्र ठाकर ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी विभाग आपदा के पूर्व एवं आपदा के समय अपनी तैयारी को पुख़्ता रखने का है, ताकि जान माल को कम से कम नुकसान हो और किसी भी आपदा के लिए हमारी तैयारी पूरी हो।

अभ्यास से निपुणता आती है, इसलिए अभ्यास जरूरी

आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव  राकेश कुमार ने कहा कि मॉक ड्रिल का मकसद है किसी भी आपदा के दौरान सभी विभागों को मिल कर कैसे काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान बचाव, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे को बहाल करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। जान और माल का कम से कम नुक्सान हो, जीरो कैजुअल्टी हो। एक मान्यता है कि आप जितना शांत समय में आप पसीना बहाते हैं, आपदा के दिनों में उतना कम नुक्सान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम ये मॉक ड्रिल कर रहे हैं। कहा, अभ्यास से ही निपुणता आती है, इसलिए अभ्यास करते रहना जरूरी है। 

बाढ़ में फंसे लोगों को किस तरह रेस्क्यू किया जाये, इसका मॉक ड्रिल किया गया। एनडीआरएफ की टीम द्वारा बाढ़ के सिचुएशन को दर्शाया गया और उसमें फंसे लोगों को विभिन्न तरीकों द्वारा कैसे बजाया जायेगा इसका एक लाइव डेमो कर बताया गया। रेस्क्यू के दो तरीकों ड्राई रेस्क्यू और वेट रेस्क्यू की जानकारी दी गयी कि कैसे इन दोनों रेस्क्यू के माध्यम से बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया जा सकेगा। साथ ही, चिकित्सा दल द्वारा एक डेमो बताया गया किरेस्क्यू किये गये लोगों तक किस प्रकार चिकित्सा सुविधा पहुंचायी जाये।

मॉक ड्रिल में इन विभागों ने लिया हिस्सा

मॉक ड्रिल में 05 टीम एनडीआरएफ की, 01 टीम एसडीआरएफ की, बिजली विभाग, बीएसएनएल, मेडिकल टीम, नगर निगम, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, पेयजल विभाग, जिÞला प्रशासन के पदाधिकारी और अग्निशामक दल ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के अवसर पर सभी सम्बन्धित विभागों के पदाधिकारी सहित आसपास के लोग उपस्थित थे।

Share this:

Latest Updates