Good News :  संपत्ति की रजिस्ट्री कराते ही शुरू हो जाएगी म्यूटेशन की प्रक्रिया, नहीं करनी होगी भाग दौड़ 

Jharkhand latest news  : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में गुरुवार को सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन  प्रक्रिया का राज्यव्यापी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम तथा श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता भी उपस्थित रहे।

सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन का झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया शुभारंभ

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं। आज हुए सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन  (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का शुभारम्भ भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा आप सभी जानते हैं कि जमीन खरीद-बिक्री हेतु निबंधन, दाखिल- खारिज, रसीद कटने से लेकर रजिस्टर पंजी-2 तक की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार ये प्रक्रियाएं आम जनता के लिए काफी जटिल हो जाती हैं। 

व्यवस्था को सुलभ बनाने में लगी है झारखंड सरकार

राज्य सरकार का प्रयास है कि हम आम जनता को सरल और सुलभ व्यवस्था उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया का शुभारम्भ होने से आम व्यक्ति भी अब बिना कोई परेशानी उठाये निबंधन के बाद अपने उक्त भूमि का दाखिल-खारिज करा सकेगा। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े जिला एवं प्रखंडस्तरीय अधिकारियों से कहा कि सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया पहली बार झारखंड में लागू की जा रही है। हो सकता है कि प्रारम्भ में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। आप सभी अधिकारी शुरुआती 15 से 20 दिनों तक इस प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाये रखें। कहीं कुछ तकनीकी दिक्कतें होने पर विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जा सके। 

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करायें। इस पारदर्शी प्रक्रिया की शुरुआत होने से ग्रामीण लोगों को बिचौलियों से भी मुक्ति मिल सकेगी। वैसे बिचौलिया, जो ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहते हैं, उनसे लोगों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक कार्य योजना तैयार कर रही है, जिसमें ओल्ड एज के लोगों को कचहरी का चक्कर न काटना पड़े और उनका सभी कार्य आसानी से सम्पन्न हो सके।

तीन लाभुकों ने साझा किये अनुभव

इस मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया के तहत लाभान्वित तीन लाभुक दामिनी दीक्षित तिवारी (हिनू), शैलेश कुमार (बेड़ो) एवं पूर्णिमा कुमारी (नगड़ी) ने इस प्रक्रिया के फायदे से सम्बन्धित अनुभव साझा किये।

 सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन की पृष्ठभूमि 

भूमि का दाखिल-खारिज, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के तहत प्रदान की जानेवाली एक नागरिक केन्द्रित सेवा है, जिसे वर्तमान में झारभूमि पोर्टल के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। इस क्रम में विभाग को यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि भूमि के निबंधन के पश्चात दाखिल-खारिज हेतु मेटा-डेटा में त्रुटि होने एवं दस्तावेजों के अपलोड नहीं होने के कारण अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को निरस्त कर दिया जा रहा है। फलस्वरूप रैयतों को पुनः अलग से दाखिल-खारिज के लिए झारभूमि पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है। इससे रैयतों को अनावश्यक काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन की पहल की जा रही है।

सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन का उद्देश्य

इसका उद्देश्य है भूमि के निबंधन के बाद आम जनता को पारदर्शी तरीके से सुलभतापूर्वक दाखिल-खारिज की सेवा प्राप्त हो सके।

सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन का परिचय

दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए स्टेट एनआईसी, रांची एवं एनजीडीआरएस, पुने टीम द्वारा एनजीडीआरएस पोर्टल एवं झारभूमि पोर्टल में आवश्यक तकनीकी परिवर्तन किये गये हैं, जिससे कि अब निबन्धित विलेख (डीड) रियल टाइम बेसिस पर झारभूमि पोर्टल में सम्बन्धित अंचलाधिकारी के लॉगइन में प्रेषित हो जायेगा एवं तत्क्षण ही आवेदक को एसएमएस के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या की सूचना प्राप्त हो जायेगी तथा आवेदक दाखिल-खारिज के निष्पादन की अद्यतन स्थिति को ट्रैक कर पायेंगे।

सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन के फायदे 

– भूमि के निबंधन के बाद दाखिल-खारिज के लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी एवं अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

– भूमि के निबंधन के बाद स्वतः रियल टाइम आधार पर दाखिल-खारिज के लिए सम्बन्धित अंचल अधिकारी को म्यूटेशन केस नम्बर के साथ सभी दस्तावेज प्रेषित हो जायेंगे।

– आवेदक को एसएमएस के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या प्राप्त होगी, जिससे आवेदन के अनुपालन की अद्यतन स्थिति को झारभूमि पोर्टल पर ट्रैक किया जा सकेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के.के.सोन, निदेशक उमाशंकर सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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