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growing india running india : भारत की ताकत और बढ़ी, अब स्वदेशी ड्रोन तापस रखेगा सीमा पर नजर, पलभर में होगा दुश्मन का खात्मा

growing india running india : भारत की ताकत और बढ़ी, अब स्वदेशी ड्रोन तापस रखेगा सीमा पर नजर, पलभर में होगा दुश्मन का खात्मा

डीआरडीओ और नौसेना ने यूएवी की कमांड और नियंत्रण क्षमताओं का किया सफल प्रदर्शन, स्वदेशी तापस यूएवी ने 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर कर दिखायी अपनी क्षमता

Swadeshi drone tapas, national news, DRDO success, National Samachar : डीआरडीओ और भारतीय नौसेना के संयुक्त दल ने स्वदेशी तापस ड्रोन की कमांड और नियंत्रण क्षमताओं का रविवार को सफल परीक्षण किया है। कारवार नौसैनिक अड्डे से 148 किलोमीटर दूर आईएनएस सुभद्रा पर एक दूरस्थ ग्राउंड स्टेशन से किए गए प्रदर्शन में यूएवी ने निर्बाध रूप से 20 हजार फीट की ऊंचाई के आसपास उड़ान भरी। आईएनएस सुभद्रा ने 3.30 घंटे की उड़ान अवधि के दौरान 40 मिनट के लिए यूएवी संचालन को नियंत्रित किया। तापस ड्रोन केवल सीमाओं पर निगरानी रखने ही नहीं, बल्कि दुश्मनों पर हमला करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्वदेशी यूएवी को नियंत्रित करने के लिए आईएनएस सुभद्रा में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (जीसीएस) और दो शिप डेटा टर्मिनल (एसडीटी) स्थापित किये गये

डीआरडीओ ने रविवार को एक वक्तव्य में बताया कि भारतीय नौसेना के साथ यह परीक्षण 16 जून को हुआ। स्वदेशी ड्रोन तापस ने 07.35 बजे कारवार नौसैनिक अड्डे से 285 किलोमीटर दूरी पर स्थित एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज (एटीआर), चित्रदुर्ग से उड़ान भरी। यह प्रदर्शन कारवार नौसैनिक अड्डे से 148 किलोमीटर दूरी पर स्थित आईएनएस सुभद्रा पर एक दूरस्थ ग्राउंड स्टेशन से किया गया। इसका उद्देश्य तापस यूएवी की कमांड और नियंत्रण क्षमताओं को स्थानांतरित करना था। यूएवी ने 20 हजार फीट की ऊंचाई के आसपास उड़ान भरने में सफलता प्राप्त की। आईएनएस सुभद्रा ने 3.30 घंटे की उड़ान के दौरान 40 मिनट के लिए यूएवी संचालन को नियंत्रित किया।

250 किलोमीटर है मारक क्षमता

डीआरडीओ के अधिकारियों का कहना है कि स्वदेशी यूएवी को नियंत्रित करने के लिए आईएनएस सुभद्रा में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (जीसीएस) और दो शिप डेटा टर्मिनल (एसडीटी) स्थापित किए गए थे। परीक्षण के बाद तापस एटीआर में वापस उतरा। तापस ड्रोन की 30 हजार फीट की ऊंचाई से मारक क्षमता 250 किमी है और यह दिन और रात के मिशन को अंजाम देने में समान रूप से सक्षम है। यह 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए खुफिया, निगरानी, टोही मिशन करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह अपने मिशन के दौरान विस्तृत क्षेत्र में छोटे लक्ष्यों की पहचान करके उन्हें मार गिराने में सक्षम है।

28 हजार फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे उड़ने की क्षमता

तापस का पूरा नाम टेक्टिकल एयरबॉर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस बेयॉन्ड होराइजन (टीएपीएएस) है। यह एक मध्यम-उच्चतम ऊंचाई वाला ड्रोन है जो एकीकृत उड़ान और निर्देशन क्षमता वाला है और अमेरिकी MQ-1 प्रेडेटर ड्रोन के समान है। तापस स्वत: उड़ान भराने और नीचे उतरने की क्षमता रखने वाला ड्रोन है। पहले इसे रुस्तम-2 के नाम से जाना जाता था, जिसकी अधिकतम गति 224 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह 20.6 मीटर के पंखों के अन्तर के साथ एक ड्रोन है जो लगातार 1000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। यह 28,000 फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से अधिक की उड़ान भर सकता है।

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