▪︎ जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक शुरू, फैसलों का एलान आज
▪︎ झारखंड सरकार की तरफ से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर हुए शामिल, रखा झारखंड का पक्ष
New Delhi News: माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के टैक्स स्लैब को पुन: निर्धारित कर अलग-अलग वस्तुओं के कर को निर्धारित करने के उद्देश्य से वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिल्ली में बुधवार से दो दिवसीय, माल एवं सेवा कर परिषद (गुड्स एंड सर्सि टैक्स काउंसिल) की बैठक की शुरुआत हुई। 03 एवं 04 सितम्बर को चलनेवाली इस बैठक में देश के सभी प्रदेशों के वित्त मंत्री अथवा शीर्ष अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में की जा रही है।
दो दिन तक चलनेवाली इस बैठक में वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी दरों के प्रस्तावों, सुधारों और 05 फीसदी तथा 18 फीसदी स्लैब को चर्चा के बाद मंजूरी मिल सकती है, जिसके फैसलों का एलान 04 सितम्बर को हो सकता है। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने, स्लैब को 05 फीसदी तथा 18 फीसदी में पुनर्गठित करने और क्षतिपूर्ति उपकर पर चर्चा हो रही है। मंत्रालय के मुताबिक दो दिनों तक चलनेवाली जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के फैसलों की घोषणा 04 सितम्बर को होनी है।
इस बैठक में जीएसटी परिषद के सदस्य आठ वर्ष पुराने जीएसटी कर ढांचे में बड़े बदलावों पर चर्चा कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने जीएसटी की दरों में अबतक की सबसे बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा है। केन्द्र सरकार मौजूदा जीएसटी टैक्स के स्ट्रक्चर को सरल करने के लिए दो स्लैब 05 फीसदी और 18 फीसदी लागू करने का प्रस्ताव ला रही है। फिलहाल, जीएसटी के चार स्लैब 05 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी, और 28 फीसदी हैं।
बैठक में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और ओड़िशा के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री, मणिपुर के राज्यपाल, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, राजस्व विभाग के सचिव, सीबीआईसी के के अध्यक्ष और सदस्य और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
झारखंड सरकार की तरफ से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर हुए शामिल, रखा झारखंड का पक्ष
जीएसटी परिषद की इस बैठक में झारखंड सरकार की तरफ से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इसमें भाग लिया और प्रदेश सरकार की नीतियों को साझा किया। गौरतलब है कि झारखंड प्रदेश जीएसटी में कुछ बदलाव और राज्यों के राजस्व को और सुदृढ़ करने में इसकी सहभागिता पर जोर देता रहा है।



