Bengaluru news, Gangadhareshwer Temple Bengaluru: जीवन की सच्चाइयों और कल्पनाओं का अपना महत्व होता है। अच्छी कल्पनाओं को मेहनत से साकार कर सच्चाई में बदल दिया जाता है। लेकिन, ध्यान रखिए जीवन में आपकी आंखों के सामने ऐसे चमत्कार भी होते रहते हैं, जो आश्चर्य में डाल देते हैं। भारत जैसी विविधताओं की धरती पर तो रह-रह कर ऐसे चमत्कार धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में होते रहते हैं कि कोई भी दांतों तले अंगुली दबा ले। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक मंदिर के इस चमत्कार पर किसी को भरोसा होना कठिन है, लेकिन है यह सच्चाई। आइए जानते हैं, यहां शिवलिंग पर चढ़ाया जाने वाला दूध कैसे छाछ बन जाता है।
भक्तों को दिया जाता है प्रसाद के रूप में
बताया जाता है कि यह मंदिर बैंगलोर के टी दशरहल्ली इलाके में स्थित गंगाधरेश्वर मंदिर है। यहां शिवलिंग पर चढ़ाए गए दूध को छाछ में बदल दिया जाता है। फिर अगले दिन इसे भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इस अनोखी सोच के लिए मंदिर प्रशासन और पुजारी की लोग तारीफ करते हैं।
नई मिसाल पेश कर रहा है यह मंदिर
वास्तव में देखा जाए तो यह मंदिर एक मिसाल पेश कर रहा है। वे दिखा रहे हैं कि श्रद्धा और व्यवहारिकता साथ-साथ चल सकती हैं। दूध जैसी कीमती चीज को बर्बाद होने से बचाकर, वे भक्तों को प्रसाद भी दे रहे हैं और समाज को एक अच्छा संदेश भी। वास्तविकता यह है कि मंदिर के शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाला दूध अपने से छाछ नहीं बन जाता है, बल्कि इसे बनाया जाता है।
शुद्ध प्रक्रिया का किया जाता है पालन
इस मंदिर के प्रमुख ईश्वरानंद स्वामी बताते हैं कि मैं लंबे समय से शोध कर रहा था कि हम भक्तों की सबसे अच्छी सेवा कैसे कर सकते हैं। मैंने यह भी पढ़ा है कि दूध एक बहुत महत्वपूर्ण उत्पाद है, इसलिए इसे बर्बाद न करना बेहतर है। हम अभिषेक तो करते हैं, लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि अभिषेक में इस्तेमाल होने वाली अन्य चीजें जैसे सिंदूर या हल्दी दूध में न मिलें, ताकि दूध खराब न हो। फिर, हम एक स्वच्छ प्रक्रिया का पालन करते हैं। इसमें दूध को फरमेंट खर छाछ में बदल दिया जाता है।



