Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

शताब्दी वर्ष में संघ का हिन्दू समाज के जागरण और सद्भाव निर्माण पर फोकस

शताब्दी वर्ष में संघ का हिन्दू समाज के जागरण और सद्भाव निर्माण पर फोकस

New Delhi News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में संघ के कार्य विस्तार, शताब्दी वर्ष की तैयारी और विभिन्न प्रांतों में संघ कार्य स्थिति जैसे तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गयी। बैठक में अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें मणिपुर में संघ की ओर से मैतई और कुकी समुदाय के बीच शांति बहाली के लिए किए जा रहे प्रयास भी शामिल हैं। बैठक में संघ स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर हिन्दू समाज के जागरण एवं सद्भाव की कार्य दिशा भी तय की गयी।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर ने सोमवार को केशव कुंज कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह बैठक कोई प्रस्ताव या निर्णय लेने के लिए नहीं थी, बल्कि संघ कार्य की दिशा तय करने पर केन्द्रित थी। इस दौरान देश के विभिन्न प्रांतों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे संघ के सांगठनिक कार्यों की समीक्षा की गयी। मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि संघ दोनों समुदायों के साथ संवाद को आगे बढ़ा रहा है और कई सकारात्मक संकेत सामने आये हैं। संघ का प्रयास शांति और सामाजिक समरसता के लिए है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रांत के संघचालक अनिल अग्रवाल भी मौजूद रहे। केशव कुंज कार्यालय में 04 से 06 जुलाई तक आयोजित अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में प्रांत प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारणी के सदस्यों ने भाग लिया।
आम्बेकर ने पिछले दिनों आयोजित प्रशिक्षण वर्गों (संघ शिक्षा वर्गों) के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 21,879 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 40 वर्ष से कम आयु के 17,609 और 40 वर्ष से ऊपर के 4,270 स्वयंसेवक शामिल हैं। देशभर के 8,812 स्थानों से इन वर्गों में भागीदारी हुई। केरल, तमिलनाडु, कश्मीर और वनवासी क्षेत्रों से भी उत्साहजनक भागीदारी देखी गयी।
शताब्दी वर्ष के चलते होनेवाली संघ की गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मंडलों और शहरी क्षेत्रों में बस्तियों में समाज के प्रयासों से हिन्दू सम्मेलन के आयोजन होंगे। 11,360 स्थानों पर सामाजिक सद्भाव निर्माण की गतिविधियां चलेंगी। यह खंड और नगर स्तर तक होंगी। इसके अलावा देश के सभी 924 जिलों में ‘घर-घर सम्पर्क’ अभियान चलाया जायेगा और क्षेत्र अनुसार प्रमुख गोष्ठियां होंगी।
आम्बेकर ने कहा कि संघ का स्पष्ट उद्देश्य है- समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बनाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्य में जोड़ना और समाज को स्वाभाविक रूप से संगठित करना है। इसके लिए व्यापक आउटरीच की योजना बनायी गयी है। संघ का मानना है कि देश की प्रगति में समाज की व्यापक सहभागिता जरूरी है और संगठन इसी दिशा में कार्यरत है।

Share this:

Latest Updates