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भारत को नशीली दवाओं (ड्रग्स) से मुक्त कराने की दिशा में जांच एजेंसियां कर रही हैं बेहतरीन काम : शाह

भारत को नशीली दवाओं (ड्रग्स) से मुक्त कराने की दिशा में जांच एजेंसियां कर रही हैं बेहतरीन काम : शाह

▪︎ पूर्वोत्तर से नशीली दवाओं की जब्ती पर गृहमंत्री ने कहा : ड्रग्स कारोबार की धड़-पकड़ रहेगी जारी

New Delhi News: केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारत को नशीली दवाओं (ड्रग्स) से मुक्त कराने की दिशा में जांच एजेंसियां बेहतरीन काम कर रही हैं।  उन्होंने इंफाल से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कार्रवाई में 88 करोड़ की नशीली दवाओं की जब्ती का उदाहरण दिया और कहा कि ड्रग्स के कारोबार की धड़पकड़ जारी रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि ड्रग का कारोबार चलाने वालों के खिलाफ कोई सहानुभूति नहीं रखी जायेगी। ड्रग मुक्त भारत बनाने की दिशा में 88 करोड़ की मेथमफेटामाइन टैबले के साथ अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कारोबार से जुड़े चार लोगों को इंफाल और गुवाहाटी जोन से गिरफ्तार किया गया है। यह दर्शाता है कि ड्रग्स कारोबार पर लगाम लगाने के लिए जांच एजेंसियों से ‘बॉटम टु टॉप’ और ‘टॉप टु बॉटम’ तक जांच का तरीका बेहतरीन परिणाम दे रहा है।

अभियान का विवरण

पहली कार्रवाई में 13 मार्च को सूचना के आधार पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) इम्फाल जोन के अधिकारियों ने लिलोंग क्षेत्र के पास एक ट्रक को रोका और वाहन की पूरी तरह से टोह लेने के बाद ट्रक के पिछले हिस्से में टूल बॉक्स/केबिन से 102.39 किलोग्राम मेथमफेटामाइन की गोलियां बरामद कीं। ट्रक में सवार दो लोगों को पकड़ा भी गया। बिना किसी देरी के टीम ने तुरंत एक फॉलो अप कार्रवाई की और लिलोंग क्षेत्र से प्रतिबंधित सामग्री के संदिग्ध रिसीवर को पकड़ लिया। उसके पास से एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किया जाता था। बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रतिबंधित सामग्री का संदिग्ध स्रोत मोरेह है। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।

तस्करी का स्रोत मणिपुर का मोरेह था और संदिग्ध गंतव्य करीमगंज था

प्राप्त सूचना के आधार पर उसी दिन एक अन्य अभियान में एनसीबी गुवाहाटी जोन के अधिकारियों ने सिलचर के पास असम-मिजोरम सीमा पर एक एसयूवी को रोका और उसकी गहन तलाशी ली, जिसमें वाहन के स्पेयर टायर के अन्दर छिपायी गयी 7.48 किलोग्राम मेथमफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं और वाहन सवार को भी पकड़ लिया, जिसे बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया। तस्करी का स्रोत मणिपुर का मोरेह था और संदिग्ध गंतव्य करीमगंज था। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। एक अन्य घटनाक्रम में एनसीबी, मिजोरम सरकार के आबकारी विभाग से एक मामले की जांच भी अपने हाथ में ले रही है, जिसमें 06 मार्च को ब्रिगेड बावंगकॉन आइजोल में लगभग 46 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ जब्त किया गया था। इस मामले में ड्रग सिंडिकेट में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग तस्करी नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय संबंधों की जांच के लिए एनसीबी द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के दृष्टिकोण से भारत के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है। इस संवेदनशील पहलू को पहचानते हुए गृह मंत्रालय ने क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ युद्ध को और मजबूत करने के लिए वर्ष 2023 में एनसीबी की ताकत बढ़ायी थी। एनसीबी अपनी पांच क्षेत्रीय इकाइयों और पूर्वोत्तर में एक क्षेत्रीय मुख्यालय के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थों, विशेष रूप से मेथमफेटामाइन टैबलेट जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार काम कर रहा है। मेथमफेटामाइन टैबलेट को याबा के नाम से जाना जाता है और इसने न केवल क्षेत्र की युवा आबादी के लिए, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा किया है।

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