- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कोलबिंया में किया कमाल
New Delhi News: भारत के ‘आॅपरेशन सिन्दूर‘ के बाद कूटनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में शुरू हुआ ‘ग्लोबल मिशन‘ अब असर दिखा रहा है। भारत ने 32 देशों में 07 अलग-अलग सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेज दिये हैं। इन डेलिगेशन में सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व राजनयिक और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इन सभी का मकसद भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दुनिया के सामने रखना, आतंकवाद पर वैश्विक समर्थन जुटाना और पाकिस्तान की आतंक-समर्थक नीतियों का सच दुनिया को दिखाना है। अमेरिका, बहरीन, अल्जीरिया, कोलंबिया, स्पेन, मलेशिया जैसे देशों की यात्रा करनेवाले इन प्रतिनिधिमंडलों ने प्रेस वार्ताएं, कूटनीतिक बैठकें और प्रवासी भारतीयों से संवाद कर भारत का पक्ष मजबूती से रखा।
कोलंबिया में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्ववाले डेलिगेशन की सख्त प्रतिक्रिया के बाद कोलंबियाई सरकार ने पाकिस्तान के पक्ष में दिये बयान को वापस ले लिया। वहीं, बहरीन में एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कुरान के हवाले से आतंकवाद की निन्दा कर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को बेनकाब किया।
भारत की राजनीतिक एकजुटता का यह ऐतिहासिक उदाहरण रहा, जब कांग्रेस की ओर से शशि थरूर, डीएमके से कनिमोझी और एनसीपी से सुप्रिया सुले जैसे विपक्षी नेता डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे थे। बीजेपी, टीएमसी, जेडीयू और एआईएमआईएम जैसे दलों के नेता भी साथ रहे।
विश्व को मिला स्पष्ट संदेश
अल्जीरिया में बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में डेलिगेशन ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए वैश्विक खतरा है और इसके खिलाफ साझा संघर्ष जरूरी है। स्पेन में कनिमोझी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शांति का संदेश दिया।
अल्पसंख्यकों के नाम पर झूठे आरोपों का खंडन
हर प्रतिनिधिमंडल में एक मुस्लिम सदस्य शामिल कर भारत ने पाकिस्तान के उस झूठ का भी जवाब दिया कि भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है। मुस्लिम देशों की यात्रा कर भारत ने बताया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।
रविशंकर प्रसाद ने लंदन में प्रवासियों को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख से कराया अवगत
सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की अगुवाई में नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल फ्रांस, इटली, डेनमार्क का दौरा पूरा करने के बाद लंदन पहुंचा। लंदन में अपने प्रथम दिन पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मध्य लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर गार्डन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और डॉ. बीआर अम्बेडकर संग्रहालय का दौरा किया। इसके उपरांत हजारों की संख्या में उपस्थित भारतीय प्रवासियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख से अवगत कराया।
उन्होंने प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान जनरल्स की दुकान बन गया है।
रविशंकर प्रसाद ने प्रवासी भारतीय समुदाय से कहा कि ‘आॅपरेशन सिन्दूर’ का उद्देश्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी शिविरों को समाप्त करना था। भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन निर्दोष भारतीयों की हत्या की कीमत आतंकियों को चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद और सरकारी तंत्र एक साथ हैं, इसलिए हर आतंकी घटना को युद्ध के रूप में देखा जायेगा। प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘पीओके में लोगों के साथ किस तरह का दुर्व्यवहार हो रहा है, क्या आप जानते हैं? वे भारत में आने के लिए रो रहे हैं। बलूचिस्तान में महिलाओं के साथ सबसे बर्बर व्यवहार किया जा रहा है। पाकिस्तान आज बहुत परेशान है। हमने चार पारम्परिक युद्ध लड़े, इनमें से कोई भी भारत ने शुरू नहीं किया, हमने केवल जवाब दिया और पाकिस्तान सभी युद्ध हार गया। ‘जिन्ना ने पाकिस्तान बनाया, वह जनरल की दुकान बन गयी।’
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अम्बेडकर संग्रहालय में आकर गौरवान्वित महसूस हो रहा है। इस भवन में डॉ. अम्बेडकर दो वर्षों तक रहे थे। भारत सरकार ने इस महत्त्वपूर्ण आवास को अधिग्रहित कर संरक्षित किया है, जिसका अब भारतीय उच्चायोग द्वारा सावधानीपूर्वक रख-रखाव किया जाता है। यह संग्रहालय डॉ. अम्बेडकर के जीवन और कार्य से जुड़े सभी पांच स्थलों को ‘स्मृति स्थल’ के रूप में संरक्षित किया गया है, जो उनकी स्थायी विरासत को दर्शाता है।
रविशंकर प्रसाद के नेतृत्ववाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भाजपा सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, समिक भट्टाचार्य, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस सांसद गुलाम अली खटाना और अमर सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर और राजदूत पंकज सरन शामिल हैं।



