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बिहार में प्रसंस्कृत आलू और टमाटर की खेती की पहल, किसानों को सरकार दिलाएगी प्रशिक्षण

बिहार में प्रसंस्कृत आलू और टमाटर की खेती की पहल, किसानों को सरकार दिलाएगी प्रशिक्षण

सहकारी समितियां करेंगी उनकी खेती, वैल्यू एडिशन कर होगा विपणन

Patna news : डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार के सहकारिता विभाग में राज्य के किसानों को आलू एवं टमाटर की खेती के लिए बढ़ावा देने के उ‌द्देश्य से वेजफेड की योजनाओं द्वारा लाभान्वित करने की तैयारी शुरू करा दी है। प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां को प्रसंस्कृत किस्म के आलू एवं टमाटर की खेती करने के लिए बीज एवं पौधे उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सहकारिता विभाग ने इसके लिए हिंदुस्तान इंसेंटिसाइड्स लिमिटेड से प्रसंस्कृत किस्म के आलू के बीच ₹38.70 रुपये प्रति किलो तथा टमाटर के पौधे ₹2.95 रुपये प्रतिकिलो की दर से सहकारी समितियों के किसानों को उपलब्ध कराने की तैयारी की है।

1480 एकड़ रकबा में खेती करने की तैयारी

समितियों के किसानों को इनकी खेती करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी, नालंदा तथा इंस्टिट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च, वाराणसी द्वारा प्रशिक्षण लेने की व्यवस्था की गयी है। वेजफेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रसंस्कृत किस्म के आलू एवं टमाटर के लिए 1480 एकड़ रकबा में खेती करने की तैयारी की गयी है। राज्य अंतर्गत तीन सब्जी विपणन एवं प्रसंस्करण संघ- हरित संघ पटना में 595 एकड़ भूमि तिरहुत संघ में 585 एकड़ भूमि तथा मिथिला संघ में 300 एकड़ भूमि में प्रसंस्कृत किस्म के ऑलू एवं टमाटर की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है।

वेजफेड किसानों से ₹10 की दर से खरीदेगा आलू

किसानों द्वारा उत्पादित आलू को वेजफेड द्वारा ₹10 प्रति किलो की दर से खरीद लिया जायेगा। यदि किसान चाहे, तो वह अपने उत्पाद को बाजार में बेचने को स्वतंत्र होंगे। बिहार में औसतन 7.74 मेट्रिक टन आलू प्रतिवर्ष उत्पादित होता है।किन्तु प्रसंस्कृत किस्म के आलू का उत्पादन एक प्रतिशत से भी कम है। सहकारिता विभाग किसानों के उत्पादन का मूल्य-वर्धन कर आलू चिप्स, फ्लेक्स, पोटैटो पाउडर फ्रेंच फ्राई, फिंगर चिप्स आदि का उत्पादन करेगी। जबकि, प्रसंस्कृत किस्म के टोमेटो से टोमेटो सॉस, टोमेटो केचअप, टोमाटो प्यूरी, टोमेटो पाउडर आदि का उत्पादन किया जा सकेगा। इनके उत्पादन के लिए अभी महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश से टमाटर मंगाया जाता है। प्रोसेसिंग वैरायटी के पौधे से 90 दिनों में फसल तैयार हो जाते हैं एवं 30 दिनों तक उनका फलन अवधि होता है।

बीज और पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे

मंत्री ने कहा कि राज्य की सभी प्राथमिक सब्जी सहकारी समिति के प्रशिक्षित किसानों को उनकी खेती के लिए बीज एवं पौधे उपलब्ध कराये जायेंगे, इन किसानों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। इनके उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी। सहकारिता विभाग द्वारा प्रसंस्करण यूनिट की भी स्थापना करने की योजना है, जिससे वेजफेड के माध्यम से पोटैटो चिप्स, टोमेटो सॉस आदि का उत्पादन होगा। यह योजना राज्य के आर्थिक विकास के लिए एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

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