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कर्नाटक पुलिस ने पहले ही दे दी थी चेतावनी, फिर भी मना जश्न

कर्नाटक पुलिस ने पहले ही दे दी थी चेतावनी, फिर भी मना जश्न

▪︎ डीसीपी ने सरकार को लिखा था पत्र, बल की कमी का किया था जिक्र

Bengluru News: आईपीएल में ऐतिहासिक जीत के बाद कर्नाटक सरकार ने आरसीबी की टीम को विधान सौध में सम्मानित करने का फैसला लिया है, लेकिन सरकार ने यह फैसला तब लिया जब पुलिस ने पहले ही इस कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी थी। डीसीपी ने 04 जून को एक पत्र में सरकार को बताया था कि इतनी बड़ी भीड़ को सम्भालने के लिए पुलिस बल नहीं है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ सकती है ; फिर भी 04 जून को कार्यक्रम हुआ और इसके बाद जो हुआ, वह बहुत ही दुखद था।
विधान सौध में आरसीबी के सम्मान समारोह के बाद शाम को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों फैंस इकट्ठा हो गये। इतनी बड़ी भीड़ के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं थे। इस अफरा-तफरी में भगदड़ मच गयी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी और 30 से ज्यादा घायल हो गये थे। पुलिस पत्र में यह भी कहा गया था कि विधान सौध के पास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं और भीड़ को नियंत्रित करने में यह एक बड़ी कमी साबित होगी। इसके बावजूद कार्यक्रम को मंजूरी दी गयी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद आरसीबी फ्रेंचाइजी, इवेंट कम्पनी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ पर एफआईआर दर्ज की गयी है। इसके साथ ही कई बड़े पुलिस अधिकारियों को निलम्बित कर दिया गया है, जिनमें बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। इवेंट से जुड़े आरसीबी के वरिष्ठ अधिकारी निखिल सोसले और तीन अन्य मैनेजर्स को 06 जून को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने शनिवार 07 जून को हादसे के बाद एक एकल जांच आयोग गठित किया है, जिसकी अगुवाई रिटायर्ड हाईकोर्ट जज कर रहे हैं। इस आयोग को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है। सरकार ने भगदड़ में मरने वालों के परिवारों को दिए जानेवाले मुआवजे को 10 लाख से बढ़ा कर 25 लाख कर दिया है। इसके अलावा केएससीए के सचिव और कोषाध्यक्ष ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है।
इस हादसे के बाद कर्नाटक की राजनीति गरमा गयी है। बीजेपी नेता अरविंद बेल्लाड ने सीएम और डिप्टी सीएम पर गम्भीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि यह हादसा सिर्फ इसलिए हुआ, क्योंकि दोनों नेताओं को खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेनी थी। सुरक्षा बल वीआईपी सुरक्षा में व्यस्त थे, जनता की कोई सुध नहीं ली गयी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीटी रवि ने भी कहा कि यह सरकार की राजनीतिक स्टंटबाजी थी और उन्हें इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

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