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मेडिका हॉस्पिटल ने बिहार-झारखण्ड का पहला आँखों में स्टंट लगाकर ग्लूकोमा का किया सफल उपचार

मेडिका हॉस्पिटल ने बिहार-झारखण्ड का पहला आँखों में स्टंट लगाकर ग्लूकोमा का किया सफल उपचार

Ranchi News: बिहार- झारखण्ड के नेत्र रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब पहली बार भगवान महावीर मेडीका हॉस्पिटल में पहली बार आँखों में स्टंट लगाकर ग्लूकोमा उपचार किया गया, जो काफी सफल रहा। प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिन्द्या अनुराधा ने भगवान महावीर मेडीका अस्पताल में पहला आईस्टेंट इंजेक्शन डब्ल्यू लगाया। 2 क्लिक में 2 प्रत्यारोपण एक बेहतरीन प्रत्यारोपण है। यह बिहार और झारखंड में किसी कॉर्पोरेट मरीज के लिए पूर्ण कैशलेस के तहत पहला प्रत्यारोपण किया गया है।

ग्लूकोमा में इंट्राओकुलर प्रेशर (IOP)बढ़ने से धीरे-धीरे दृष्टि हानि होती है: डॉ. अनिन्द्या अनुराधा


डॉ. अनिन्द्या अनुराधा ने बताया कि ग्लूकोमा दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है, जिससे इंट्राओकुलर प्रेशर (IOP) बढ़ने के कारण धीरे-धीरे दृष्टि हानि होती है। पारंपरिक उपचारों में अक्सर ड्रॉप्स या इनवेसिव सर्जरी का लंबे समय तक उपयोग शामिल होता है, जो कई बार जोखिम पूर्ण होते हैं। बिहार-झारखण्ड का पहला आई -स्टंट इंजेक्शन लगाने की सफलता पर मेडिका के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विजय मिश्र ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि मेडिका आखों के मरीज़ों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने में अग्रणी है।

‘ iStent Inject ‘ एक माइक्रो-इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS) डिवाइस


iStent Inject, एक माइक्रो-इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS) डिवाइस, एक न्यूनतम इनवेसिव विकल्प प्रदान करता है। जो प्रभावी रूप से IOP को कम करता है, जिससे ग्लूकोमा रोगियों के लिए अधिक आराम मिलता है। इस प्रक्रिया को आँखों के उपचार में एक वरदान के रूप में माना जाता है.

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