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मोदी ने किया श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास, बोले- 22 जनवरी से हो चुका है नए युग की शुरुआत 

मोदी ने किया श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास, बोले- 22 जनवरी से हो चुका है नए युग की शुरुआत 

National top news, national news, national update, national news, new Delhi top news : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के संभल में सोमवार को हिंदू तीर्थस्थल श्री कल्कि धाम के शिलान्यास किया। इस मौके पर समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम मौजूद थे। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्याधाम में राम मंदिर का अभिषेक और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। यह घटनाक्रम आने वाले हजारों वर्षों को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि संतों की भक्ति और जनमानस की भावना से आज एक और पवित्र स्थान का शिलान्यास हो रहा है। मुझे आचार्यों और संतों की उपस्थिति में भव्य कल्कि धाम के शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं मुझे विश्वास है कि कल्कि धाम भारतीय आस्था का एक और बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। 

यह ऐसा मंदिर होगा, जिसमें 10 गर्भगृह होंगे

पीएम मोदी ने कहा कि कई ऐसे अच्छे काम हैं, जो कुछ लोग मेरे लिए ही छोड़ कर चले गए हैं। आगे भी जितने अच्छे काम बचें रह गए हैं, उनको भी संतों और जनता-जनता के आशीर्वाद से हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि कई एकड़ में फैला ये विशाल धाम कई मायनों में अति विशिष्ट होने वाला है। यह ऐसा मंदिर होगा, जिसमें 10 गर्भगृह होंगे और भगवान  के सभी 10 अवतारों को विराजमान किया जाएगा। 10 अवतारों के माध्यम से हमारे शास्त्रों में सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि अलग-अलग स्वरूपों में ईश्वरीय अवतार को प्रस्तुत किया गया है। यानी हमने हर जीवन में ईश्वर की ही चेतना के दर्शन किये हैं।

 अरब में पहले मंदिर के लोकार्पण के साक्षी बना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गत माह ही, देश ने अयोध्या में 500 साल के इंतज़ार को पूरा होते देखा है। रामलला के विराजमान होने का वह अलौकिक अनुभव, वह दिव्य अनुभूति अब भी हमें भावुक करती रहती है। इसी दौरान हम देश से सैकड़ों किलोमीटर दूर अरब की धरती पर अबूधाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के साक्षी भी बने हैं। उन्होंने कहा कि इसी कालखंड में हमने विश्वनाथ धाम को निखरते देखा है। इसी कालखंड में हम काशी का कायाकल्प देख रहे हैं। इसी दौर में महाकाल के महालोक की महिमा हमने देखी है। हमने सोमनाथ का विकास देखा है, केदार घाटी का पुनर्निर्माण देखा है। हम विकास भी, विरासत भी के मंत्र को आत्मसात करते हुए चल रहे हैं।

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