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‘आपरेशन सिन्दूर’ सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, संस्कारों व भावनाओं की अभिव्यक्ति भी : मोदी

‘आपरेशन सिन्दूर’ सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, संस्कारों व भावनाओं की अभिव्यक्ति भी : मोदी

▪︎ प्रधानमंत्री ने दाहोद में जनसभा को किया संबोधित

▪︎ मोदी ने सरकार की 10 साल की उपलब्धियों को गिनाया

Dahod / Gujrat News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने बच्चों के सामने पिता को गोली मार दी। इससे हमारा खून खौल उठा। आतंकवादियों ने 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी थी, इसलिए वही किया गया, जिसके लिए देशवासियों ने उन्हें प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी थी। ‘आॅपरेशन सिन्दूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह भारतीयों के संस्कारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है।
प्रधानमंत्री सोमवार को दाहोद में एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने कई विभागों की लगभग 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसके बाद एक जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम की आतंकी घटना के बाद तीनों सेनाओं को खुली छूट दी गयी और देश के शूर-वीरों ने वह कर दिखाया, जो दुनिया ने पिछले कई दशकों से नहीं देखा था। सीमा पार चल रहे 09 सबसे बड़े आतंकी ठिकानों को ढूंढ निकाला। आतंकियों ने 22 अप्रैल को जो खेल खेला था, 06 मई को उन्हें मिट्टी में मिला दिया गया। पाकिस्तान की सेना ने जब दुस्सासह दिखाया, तो हमारी सेना ने पाकिस्तानी सेना को भी धूल चटा दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंटवारे के बाद जिस देश का जन्म हुआ, उसका एक मात्र लक्ष्य भारत से दुश्मनी है, नफरत है और भारत का नुकसान करना है। जबकि, भारत का लक्ष्य अपने यहां की गरीबी को दूर करना, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विकसित भारत बनाना है। हम इसी दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रेलवे और विकास प्रकल्पों के लोकार्पण और भूमिपूजन के बाद आयोजित गुजरात के आदिवासी पट्टे उमरगाम से अंबाजी में आये बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब गुजरात के आदिवासी पट्टे में 12वीं कक्षा तक का एक भी स्कूल नहीं था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह से बदल गयी है। उन्होंने गुजरात के लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। सरकार का मूल उद्देश्य है कि जो भी क्षेत्र विकास में पीछे छूट गये हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर विकास किया जायेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 26 मई का दिन है, वर्ष 2014 में आज के ही दिन हमने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इस दौरान देश ने वे फैसले लिये, जो अकल्पनीय हैं, अभूतपूर्व हंै। इन वर्षों में देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ा है। देश हर सेक्टर में आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम 140 करोड़ भारतीय मिल कर अपने देश को विकसित भारत बनाने के लिए जी-जान से जुटे हैं। देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, वह हम भारत में ही बनाये। यह आज के समय की मांग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज तेज गति से मैनुफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। आज हम स्मार्ट फोन से लेकर गाड़ियां, सेना के सामान, दवाएं दुनिया के देशों में निर्यात कर रहे हैं। आज भारत रेल मेट्रो के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी खुद बनाता भी है और दुनिया में एक्सपोर्ट भी कर रहा है। दाहोद इसका जीता-जाता उदाहरण है। इसमें सबसे शानदार दाहोद के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्टरी है। तीन साल पहले इसका शिलान्यास किया था। आज तीन साल बाद इस फैक्ट्री में पहला इलेक्ट्रोमोटिव बन कर तैयार हो गया। यह गुजरात और देश के लिए गर्व की बात है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के शत-प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण पूरा होना भी एक बड़ी उपलब्धि है। दाहोद के साथ अपने सम्बन्धों की चर्चा कर प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका दाहोद के साथ रिश्ता राजनीति में आने के बाद नहीं बना है, बल्कि यह लगभग 70 साल पुराना है। जब उन्हें दो-दो, तीन-तीन पीढ़ियों के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आज वह लगभग 20 साल बाद परेल गये, तो पूरा परेल बदल चुका है। उस समय परेल में साथियों के साथ घर पर शाम को रोटी खाकर वापस आते थे। उन्होंने कहा कि दाहोद के बारे में उन्होंने जो सपना देखा है, वह आंख के सामने साकार होते देखने का सौभाग्य मिला है। हिन्दुस्तान में आदिवासी जिला किस तरह विकास हो, इसका मॉडल दाहोद बना है। रेलवे में किस गति से विकास हुआ है, यह भी उदाहरण है। देश में लगभग 70 रूटों पर आज वंदे भारत ट्रेन चल रही है। आज से अहमदाबाद से वेरावल जाने का भी वंदे भारत से जाने का रास्ता सुगम हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब नयी टेक्नोलॉजी देश की युवा पीढ़ी भारत में तैयार कर रही है। कोच, लोकोमोटिव पहले विदेश से लाना पड़ता था, आज भारत रेलवे के साथ जुड़ीं कई चीजों को बना कर दुनिया में अहम निर्यातक बन गया है। आॅस्ट्रेलिया आदि देशों को भारत में बने कोच निर्यात हो रहे हैं। मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी, इटली आदि देशों में रेलवे के छोटे-बड़े उपकरण निर्यात हो रहे हैं। यह काम एमएसएमई बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेड इन इंडिया लोकोमेटिव-इंजन भारत कई देशों में निर्यात कर रहा है। मेड इन इंडिया जिस गति से विकास कर रहा है, भारत गर्व से सिर ऊंचा कर रहा है। उन्होंने लोगों से विदेशी सामान के इस्तेमाल बंद करने का आह्वान किया। गणपति में छोटी आंख वाली गणपति बाहर से मंगवाते हैं, यह बंद होना चाहिए। जब रेलवे मजबूत होगी, तो सुविधा भी बढ़ेगी, इसका लाभ उद्योग, खेती, विद्यार्थी और महिलाओं को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि रेलवे के नये रूट का लोकार्पण किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच एक्सप्रेस ट्रेन शुरू किया गया है। रेलवे रूट के सभी जगह पहुंचने से इसका लाभ दाहोद की आदिवासी जनता को होगा। कारखानों के जरिये दाहोद के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। एक समय था जब दाहोद के परेल को नजर के सामने मरते देखा है और आज इसे जानदार-शानदार होते देखा है। आगामी दिनों में दाहोद में हर दो दिन में एक लोकोमोटिव तैयार होगा। उन्होंने कहा कि आज वड़ोदरा में विमान हवाई जहाज बनाने काम तेजी से हो रहा है। वड़ोदरा में देश की पहली गति शक्ति यूनिवर्सिटी बनी है। सावली में रेल कार बनाने की बड़ी फैक्ट्री बनी है, जिसका दुनिया में परचम फहरायेगा। प्रधानममंत्री ने दाहोद और पंचमहाल में औद्योगिक विकास से हो रहे बदलाव का खास जिक्र किया। इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने भी सम्बोधित किया।

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