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राजनीति का अपराधीकरण करना चाहता है विपक्ष : भाजपा

राजनीति का अपराधीकरण करना चाहता है विपक्ष : भाजपा

New Delhi News: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार कहा कि संसद में 138वां संविधान संशोधन विधेयक पर जहां सारा देश नैतिकता और सुशासन का स्वागत कर रहा है, वहीं विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीति का अपराधीकरण करना चाहता है।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में पूनावाला ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पेश किये गये तीन विधेयकों पर बात की, जिनमें राजनीति में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 138वां संविधान संशोधन विधेयक भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में व्याप्त वास्तविक अशांति को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने संसद में 138वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। यह विधेयक राजनीति में भ्रष्टाचार और अपराधीकरण के खिलाफ लड़ने का एक हथियार है। यदि कोई कार्यकारी पद पर आसीन व्यक्ति, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, या कोई केन्द्रीय या राज्यमंत्री हो, गम्भीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होता है और बिना किसी राहत के 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो उसे उसके पद से हटा दिया जायेगा। इससे पता चलता है कि कानून निष्पक्षता और स्वच्छ राजनीति के पक्ष में है।

दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कुछ विपक्षी नेता इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि वे स्वच्छ राजनीति के पक्ष में नहीं हैं। वे जवाबदेही सुनिश्चित करने से ज्यादा सत्ता पर काबिज रहने में रुचि रखते हैं।
पूनावाला ने कहा कि जब पूरा देश नैतिकता और सुशासन के इस हथियार का स्वागत कर रहा है, तब मुट्ठी भर विपक्षी दल खुलेआम कह रहे हैं कि वे नैतिकता के साथ नहीं है। कुछ विपक्षी नेता तो इस विधेयक के लिए बनी जेपीसी का भी बहिष्कार कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता उन लोगों के साथ बैठते हैं, जो तिहाड़ से सरकार चलाने से भी कोई गुरेज नहीं करते। आम आदमी पार्टी ने 150 दिनों तक तिहाड़ से सरकार चलायी। वे राजनीति में इस तरह की क्रांति लाने आये थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक मुख्यमंत्री का जेल के अन्दर से बैठकें करना व्यावहारिक है? जन सुनवाई कहां होगी? 

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