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हमारी कृषि, किसानों में अद्भुत क्षमता और अनंत संभावनाएं: शिवराज सिंह

हमारी कृषि, किसानों में अद्भुत क्षमता और अनंत संभावनाएं: शिवराज सिंह

New Delhi : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि देश की 145 करोड़ जनता के लिए पर्याप्त खाद्यान्न, फल और सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। हमारी कृषि और किसानों में अद्भुत क्षमता और अनंत संभावनाएं हैं।

शिवराज सिंह यहां के पूसा कैंपस के सी. सुब्रह्मण्यम आॅडिटोरियम में आयोजित कृषि खरीफ अभियान 2025 पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा कि भारत अद्भुत देश है। एक साथ कई मोर्चों पर काम चल रहा है। कल्याणकारी योजनाओं पर भी कार्य चल रहा है। आज खरीफ सम्मेलन चल रहा है। कल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5वें पायदान से ऊपर उठकर अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और वहीं दूसरी ओर आतंकवादियों के विनाश का महाभियान भी चालू है, जिन्होंने हमारी बेटियों की मांग से सिंदूर पोछा था। ऐसे आतंकवादियों और उनके सरगनाओं के अड्डों को तबाह कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारे कृषि विभाग के सभी साथी कटिबद्ध हैं, हम प्रधानमंत्री के पीछे खड़े हैं। आॅपरेशन सिंदूर एक संदेश है कि भारत की तरफ किसी को आंख उठाकर देखने नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो रक्त की अंतिम बूंद तक देश के मान, सम्मान और शान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि साल 1960 में जो सिंधु जल संधि हुई थी, वो एक ऐतिहासिक गलती थी। देश और किसानों का दुर्भाग्य रहा कि हमारे देश से बहने वाली नदियों का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया, इसलिए पहलगाम आतंकी घटना के बाद सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। शिवराज सिंह ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल-प्रदेश के किसानों के लिए सिंचाई के लिए अधिक पानी मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा अभी हमने चावल की दो किस्में विकसित की हैं, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, 20 दिन पहले फसल तैयार हो जाएगी, पानी बचेगा, मीथेन गैस का उत्सर्जन कम होगा, जल्द ही ये किस्में किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। 2014 के बाद 2,900 नई किस्मों का विकास हमारे वैज्ञानिकों ने किया है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर भी शामिल हुए।

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