▪︎ एनएससी बैठक के बाद दी गीदड़ भभकी, कहा; भारत ने सिंधु जल रोका, तो यह जंग जैसा होगा
▪︎ भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौते किये सस्पेंड
New Delhi News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 05 कड़े फैसले लेने के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर और गृहमंत्री अमित शाह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने पहुंचे। यह उच्चस्तरीय बैठक सुरक्षा स्थिति की गम्भीरता और आगामी रणनीतियों पर चर्चा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोकने और पाकिस्तान के साथ राजनयिक सम्बन्धों को घटाने समेत कई कड़े फैसले लिये हैं। इससे पाकिस्तान बिलबिला गया है। इसी क्रम में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक अहम सुरक्षा बैठक बुलायी है। यह बैठक इस्लामाबाद में शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई। इस हाईलेवल मीटिंग में पाकिस्तान के तीनों सेनाध्यक्ष, महत्त्वपूर्ण मंत्री, शीर्ष सिविल और सैन्य अधिकारी शामिल हुए। पाकिस्तानी मीडिया ने शहबाज सरकार के हवाले से कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या उसकी दिशा बदलने की कोशिश की, तो इसे युद्ध की कार्रवाई माना जायेगा। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत की स्वामित्व और संचालन वाली सभी एयरलाइनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों सहित अल्पसंख्यकों का दमन बढ़ा है। साथ ही, वक्फ कानून के जरिये मुस्लिम समुदाय को हाशिये पर धकेलने का आरोप भी लगाया। एनएससी ने आरोप लगाया कि भारत इस तरह की दुखद घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि एनएससी की मीटिंग में पहलगाम में पर्यटकों की जान जाने पर चिन्ता जतायी गयी। साथ ही, भारत द्वारा 23 अप्रैल को उठाये गये कदमों को एकतरफा, अन्यायपूर्ण, राजनीतिक से प्रेरित, गैर-जिम्मेदाराना और कानूनी आधारहीन बताया गया। वहीं, पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा अब भी अनसुलझा है। एनएससी ने कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच एक अनसुलझा विवाद है, जिसे संयुक्त राष्ट्र के कई प्रस्तावों में भी मान्यता दी गयी है। पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता रहेगा।
भारतीय वायुसेना ने किया युद्धाभ्यास
इसी बीच भारतीय वायुसेना ने एक्सरसाइज आक्रमण के तहत एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जिसमें पहाड़ी और जमीनी लक्ष्यों पर हवाई हमलों का अभ्यास किया गया। युद्धाभ्यास इस वक्त सेंट्रल सेक्टर में चल रहा है। इस अभ्यास में वायुसेना के पायलट पहाड़ी और जमीनी ठिकानों पर हमले का अभ्यास कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी सेक्टर से वायुसेना के कई उपकरणों को सेंट्र्ल सेक्टर की ओर रवाना किया गया है। जहां इस ड्रिल के तहत लम्बी दूरी तक जाकर दुश्मन के ठिकानों पर सटीक बमबारी की जा रही है। पायलट रीयल वॉर सिचुएशन में अभ्यास कर रहे हैं, जिससे उन्हें जंग जैसी परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हो सके। इस युद्धाभ्यास अभ्यास का नाम आक्रमण रखा गया है, जो इसके उद्देश्य को साफ तौर पर दर्शाता है। यानी हमला करना और हमले की क्षमता को मजबूत करना। इस दौरान वायुसेना के टॉप गन पायलट्स सक्रिय रूप से शामिल हैं और वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों द्वारा इसकी निगरानी की जा रही है। पायलट्स को ग्राउंड और माउंटेन टारगेट्स पर प्रिसिशन स्ट्राइक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर हंगामा
उधर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर भीड़ ने जम कर हंगामा किया। कुछ लोगों ने गेट फांदने की भी कोशिश की और भारत विरोधी नारे लगाये। आरोप लग रहे हैं कि पाकिस्तान ने जान-बूझ कर भारतीय हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा हटा ली है।



