Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति किया राष्ट्र को सम्बोधित

79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति किया राष्ट्र को सम्बोधित

महिला सशक्तीकरण अब सिर्फ नारा नहीं, यथार्थ बना : द्रौपदी मुर्मू
New Delhi News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए युवा, महिलाएं और हाशिये के वर्ग को भारत की प्रगति के तीन स्तम्भ बताया है। हाशिये पर रह चुके वर्गों के सशक्तीकरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और अन्य वंचित समुदाय अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर देश की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इन समुदायों के लोग अब हाशिये पर होने का टैग हटा रहे हैं I

राष्ट्रपति ने युवाओं को देश की शक्ति बताते हुए कहा कि उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धियों और ‘गगनयान’ मिशन का उल्लेख करते हुए युवाओं की वैज्ञानिक क्षमता को रेखांकित किया। यह अंतरिक्ष यात्रा भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान के लिए अत्यन्त सहायक सिद्ध होगी।

खेलों में भी युवाओं की भूमिका को सराहते हुए उन्होंने विशेष रूप से शतरंज में भारत की बढ़ती साख का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के तहत भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाया जायेगा।

महिलाओं के सशक्तीकरण की बात करते हुए उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने शतरंज विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय महिलाओं की उपस्थिति को महिला-शक्ति का प्रतीक कहा। राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सशक्तीकरण अब केवल एक नारा न रह कर यथार्थ बन गया है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने महात्मा गांधी के एक विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और दम्भ, लोकतंत्र के अनिवार्य परिणाम नहीं होने चाहिए। हम भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस रखते हुए अनवरत सुशासन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस संकल्प को आत्मसात करें और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि अमृतकाल में भारत का भविष्य उज्ज्वल है और सभी देशवासी अपने योगदान से इस यात्रा को सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका प्रयास ही भारत को विकसित राष्ट्र बनायेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गयी है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के समय भारत घोर गरीबी से जूझ रहा था, लेकिन तब से अब तक के 78 वर्षों में हमने सभी क्षेत्रों में असाधारण प्रगति की है। आज का भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगति कर रहा है। पिछले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गयी है। उन्होंने किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सुविचारित नीतियों और सुशासन से गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। आय के साथ-साथ क्षेत्रीय असमानताएं भी कम हो रही हैं।

राष्टपति ने भारतमाला परियोजना, रेलवे के आधुनिकीकरण और कश्मीर घाटी को रेल नेटवर्क से जोड़ने जैसी उपलब्धियों को देश की बुनियादी संरचना की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में रेल-सम्पर्क एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे व्यापार और पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

Share this:

Latest Updates