विपक्ष ने बताया लोकतंत्र से धोखा
New Delhi News : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार को भी कई बार बाधित हुई। सरकार हंगामे के बीच आवश्यक विधायी कार्यों को पूरा कराने में लगी है। राज्यसभा ने सोमवार को हंगामे के बीच मणिपुर से जुड़े बजटीय विधेयकों को संक्षिप्त चर्चा के बाद लौटा दिया। दूसरी ओर, लोकसभा में सरकार ने कराधान से जुड़े विधेयक विचार के लिए पेश किये। इसके अलावा खेलों से जुड़े विधेयकों को चर्चा के बाद लोकसभा ने पारित कर दिया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज हंगामे के बीच विधेयक पारित कराये जाने पर सवाल खड़े किये। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा धोखा करार दिया। वहीं, दूसरी ओर, सदन के नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि सदन को बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्हें आश्चर्य है कि कार्यमंत्रणा समिति में चर्चा के बाद भी विधेयकों को पारित किये जाने के दौरान विपक्ष हंगामा कर रहा है। विपक्ष साल भर से मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहा है और अब चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है।
लोकसभा में सोमवार की सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही करीब 15 मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित हो गयी। दोपहर दो बजे दोबारा सदन शुरू होने पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा और इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान अधिननियम (संशोधन) विधेयक, 2025 और आयकर विधेयक (न.2) लोकसभा में विचार के लिए रखे। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2025 विचार के लिए पेश किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेलों से जुड़े दो विधेयक लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किये। संक्षिप्त चर्चा के बाद दोनों विधेयकों को पारित कर दिया गया। दोनों विधेयक राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक, 2025 सरकार के ओलंपिक खेलों के आयोजन और खेल क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से लाये गये हैं। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 04 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
दूसरी ओर, राज्यसभा में सुबह कार्यवाही शुरू होने के कुछ दी देर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। राज्यसभा में मणिपुर के बजट से जुड़े विधेयक संक्षिप्त चर्चा के बाद लोकसभा को लौटा दिये गये। इसके बाद मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025 केन्द्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पेश किया। विधेयक को पेश करने के दौरान खड़गे और नड्डा ने अपनी बात रखी। हालांकि, हंगामा जारी रहा और कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गयी।



