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Russia – Ukraine war effect: युद्ध के कारण औंधे मुंह गिरते रूसी मुद्रा रूबल को सहारा देने में जुटा चीन, रूसी व्यापारियों को दिया ऑफर

Russia – Ukraine war effect: युद्ध के कारण औंधे मुंह गिरते रूसी मुद्रा रूबल को सहारा देने में जुटा चीन, रूसी व्यापारियों को दिया ऑफर

यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर दुनिया के कई देशों ने प्रतिबंध लगा दिया है। अभी भी रूस पर प्रतिबंध लगाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इन प्रतिबंधों का असर अब धीरे-धीरे रूस पर भी दिखने लगा है। ऐसे में चीन ने रूस की सहायता करने की तैयारी कर ली है। इस दिशा में उसमें काम भी करना शुरू कर दिया है। चीन ने रूस से रिश्तों में एक कड़ी और जोड़ते हुए रूसी निवेशकों और व्यापारियों को मास्को स्थित अपने वीटीबी बैंक में तीन से छह माह की अवधि के लिए आठ प्रतिशत ब्याज पर पूँजी जमा करने का न्योता दिया है। चीनी मुद्रा विश्लेषकों का मत है कि अमेरिकी डॉलर की तुलना में रूबल की अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय में घटते मूल्य और चरमराती साख में इज़ाफ़ा होगा। यह स्कीम अभी चीन में जारी नहीं की गई है।

रूबल की चमक रिकॉर्ड निम्न स्तर पर

रूस-यूक्रेन के बीच दो सप्ताह चल रहे युद्ध और अमेरिकी और पश्चमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों के कारण रूबल की चमक रिकार्ड निम्न स्तर (एक डॉलर बराबर नब्बे रूबल) पर पहुँच गई है। रूस के विभिन्न शहरों में युद्ध के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शनों से व्लादिमिर पुतिन के लिए मार्शल लॉ लगाए जाने की स्थिति पैदा हो रही है। चीन के सरकारी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार ‘दि चाइना फ़ोरेन एक्सचेंज ट्रेड सिस्टम’ (सीएफईटीएस) ने गुरुवार को घोषणा की है कि शुक्रवार से ही इंटर बैंक एक्सचेंज मार्केट में युआन और रूबल के बीच ‘ट्रेडिंग बैंड’ को दो गुणा बढ़ाकर अर्थात 5 % से 10 % कर दिया गया है। चीनी बिज़नेस नेटवर्क ने इसे एक असामान्य क़दम बताया है। अमेरिकी डॉलर की तुलना में युआन की घटती-बढ़ती दर का ट्रेडिंग बैंड मात्र दो प्रतिशत है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अमेरिकी डॉलर और यूरो के विनिमय दरों में बढ़ोतरी के कारण रूस के मित्र देशों में युआन को एक बेहतर विकल्प बताया जा रहा है।

रूस- चीन के बीच बढ़ रहा कारोबार

चीन और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में ऊर्जा एक मुख्य स्रोत है। रूस और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिका और पश्चिमी देशों से प्रभावित ‘स्विफ्ट’ के ज़रिए डॉलर में लेन-देन होता था। चीन और रूस के बीच पिछले वर्ष 146.87 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। चीन ने रूस से 52.93 अरब डॉलर के तेल का आयात किया, जो पिछले सालों की तुलना में 47.4 % अधिक है।रूस की तेल ऊर्जा कंपनी गजप्रोम नेफट ने कहा है कि वह डॉलर की बजाए अब युआन में विनिमय करती है। इस साल के अंत तक चीनी विमान रूस में जेट फ़्यूल का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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