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50 दिन बाद देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति, मतदान आज

50 दिन बाद देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति, मतदान आज

वोटिंग के तुरंत बाद परिणाम

इस बार है मुकाबला करीबी

मतदान से एक दिन पहले बीजद और बीआरएस ने वोटिंग से दूर रहने का लिया फैसला


New Delhi News : उपराष्ट्रपति पद के लिए मंगलवार को मतदान होगा। इसी दिन शाम तक नतीजे भी घोषित होंगे। इसके साथ ही देश को 50 दिन बाद जगदीप धनखड़ की जगह नया उपराष्ट्रपति मिल जायेगा। 21 जुलाई को धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के चलते चुनाव हो रहा है। इस बीच दो तटस्थ दलों ; यथा के चंद्रशेखर राव के नेतृत्ववाली भारतीय राष्ट्र समिति और नवीन पटनायक के नेतृत्ववाली बीजू जनता दल ने मतदान से दूर रहने की घोषणा की है। बता दें कि ये दोनों दल राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, ना एनडीए और ना ही इंडिया ब्लॉक। दोनों दलों ने कहा है कि वे एनडीए और इंडिया ब्लॉक ; दोनों से समान दूरी बनाये रखेंगे और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान में शामिल नहीं होंगे। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने सोमवार को कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं लेने का निर्णय राज्य में यूरिया की कमी को लेकर तेलंगाना के किसानों की पीड़ा की अभिव्यक्ति है। पिछले दो दशकों में उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत का मार्जिन लगातार बढ़ा है। 2002 में भैरों सिंह शेखावत ने 149 वोट से जीत दर्ज की थी। वहीं, 2022 में धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोट से हराया था।
एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। आंकड़ों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त है। हालांकि, संसद में विपक्ष की मजबूती से पिछले दो दशक में पहली बार मुकाबला करीबी हो सकता है। दिल्ली में आज भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग की जानकारी दी जायेगी। वहीं, इंडिया गठबंधन भी अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए मॉक पोल करेगा।
चुनाव का शेड्यूल
मतदान सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक संसद भवन में होगा। वोटों की गिनती शाम 06 बजे से और तुरन्त परिणाम घोषित होंगे। हर सांसद को विशेष पेन से बैलेट पर पहली वरीयता दर्ज करनी होगी। ऐसा न करने पर वोट अमान्य होगा। हर वोट का मूल्य एक समान होगा। 2017 में 11 और 2022 में 15 वोट अमान्य हुए थे।
लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य देते हैं वोट
उपराष्ट्रपति पद के लिए लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य वोट देते हैं। हालांकि, इसके लिए व्हिप नहीं जारी हो सकती। सभी सांसद पार्टी लाइन पर वोट करें, तो एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन के 439 और विपक्ष के रेड्डी के 324 वोट माने जा रहे हैं। हालांकि, गुप्त मतदान में क्रॉस वोटिंग दोनों तरफ से समीकरण बिगाड़ सकती है। इसलिए दोनों ओर से पूरी तैयारी की जा रही है।
एनडीए के उम्मीदवार का पलड़ा भारी
लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या 542 है। एक सीट खाली है। एनडीए के 293 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में 245 सांसद हैं। 05 सीटें खाली हैं। एनडीए के पास 129 सांसद हैं। यह मानते हुए कि उपराष्ट्रपति के लिए नामांकित सदस्य भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। इस तरह, सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत के लिए 391 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। अगस्त 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे। वहीं, विपक्षी उम्मीदवार मार्गेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे। तब 56 सांसदों ने वोट नहीं डाला था।
नोटा का विकल्प होता, तो हम यही चुनते : बीआरएस
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस ; दोनों पर यूरिया की कमी के मुद्दे को सुलझाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरिया की कमी इतनी ज्यादा है कि कतारों में लगे किसानों के बीच हाथापाई हो रही है। केटीआर ने कहा कि यदि उपराष्ट्रपति चुनाव में नोटा का विकल्प उपलब्ध होता, तो बीआरएस इसका प्रयोग कर सकती थी।
हम एनडीए और इंडिया ब्लॉक ; दोनों से दूर : बीजद
बीजद नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता ओड़िशा के साढ़े चार करोड़ लोग हैं। पात्रा ने कहा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक द्वारा वरिष्ठ नेताओं, राजनीतिक मामलों की समिति और सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद, बीजू जनता दल ने कल होनेवाले उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहने का निर्णय लिया है। बीजद एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों से समान दूरी बनाये हुए है। हमारा ध्यान ओड़िशा और ओड़िशा के साढ़े चार करोड़ लोगों के विकास और कल्याण पर केन्द्रित है।
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