New Delhi news : अप्रैल की हल्की ठंडक और वसंत की खिलती बहार हिमालय की बफीर्ली चोटियां, सेब के पेड़ों पर गुलाबी फूलों की चादर और मैदानों की हरी घास। यह सब अब सिर्फ कल्पना नहीं रहेगा, क्योंकि अब जल्द ही यह सब आप अपनी आंखों के सामने, जम्मू कश्मीर के लिए स्पेशल डिजाइंड वंदे भारत ट्रेन में बैठकर देख सकेंगे। कश्मीर को इस महीने के अंत में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस मिलने वाली है, जिसमें हाल ही में बनकर तैयार हुए उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) पर कटरा-श्रीनगर सेवा शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 अप्रैल को यूएसबीआरएल परियोजना का उद्घाटन करेंगे। कश्मीर के लिए चलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे ही पहलगाम की घाटियों से गुजरेगी, हरियाली से सजी वादियां, दूर तक फैले चीड़ के जंगल और चरवाहों की झलक आपको एक लम्हे में रोक देंगे। देवदार की खामोशी को चीरती वंदे भारत की रफ्तार-तकनीक और प्रकृति का अद्भुत संगम जल्द ही आपको देखने को मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यूएसबीआरएल परियोजना का उद्घाटन किए जाने के संबंध में रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक (ईडी/आईपी) दिलीप कुमार ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि कश्मीर तक ट्रेन चलाना हर भारतीय का सपना रहा है। इसके लिए हमने लंबी तैयारी की है और अब यह यूएसबीआरएल सेक्शन बनकर तैयार है। कुल 272 किलोमीटर के इस सेक्शन में 119 किलोमीटर लंबी सुरंग है। यह पूरा इलाका कश्मीर के धार्मिक, पर्यटन और कनेक्टिविटी के नजरिये से काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस पूरे प्रोजेक्ट को देश को समर्पित करने जा रहे हैं, जिससे देश के लोगों को काफी फायदा होगा। अब तक की योजना के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी 19 अप्रैल को इस प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रोजेक्ट के शुरू होने की तारीख पर हमने दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन श्रीनगर से चलेगी और दूसरी कटरा से श्रीनगर तक चलेगी।
रेलवे के अनुसार कश्मीर घाटी में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरूआत रेल यात्रा में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। यह सेवा सभी मौसमों में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जो बर्फबारी, भीषण ठंड और कठिन पर्वतीय चुनौतियों को पार कर सुगम यात्रा का भरोसा दिलाती है। आधुनिक सुविधाओं और जलवायु-विशिष्ट अनुकूलन के साथ यह ट्रेन यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। कश्मीर घाटी को सम्पूर्ण देश से अभूतपूर्व रूप से जोड़ने के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस भौगोलिक और आर्थिक अंतर को भी समाप्त करेगी।
इंजीनियरिंग का कमाल
मेक इन इंडिया के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में बनी यह ट्रेन आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है, जो बिजली सी चलती है। यह सुरक्षित और आरामदायक सफर की मिसाल है। इसका सफर हर भारतीय को गर्व से भर देगा।
क्यों खास है कश्मीर वाली वंदे भारत?
यह वंदे भारत एक्सप्रेस विश्वसनीयता, सुरक्षा और यात्रियों के आराम को सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक एवं उन्नत सुविधाओं से युक्त है। इस वंदे भारत ट्रेन को कश्मीर घाटी की कठिन जलवायु परिस्थितियों में सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे अब हर मौसम में कश्मीर घाटी तक पहुंचना आसान होगा और वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरूआत, क्षेत्र में यात्री सेवाएं एवं पर्यटन अनुभव बेहतर बनाएगी।
शून्य से नीचे तापमान, फिर भी कनेक्टिविटी बरकरार
जम्मू-कश्मीर जैसे सर्द मौसम वाले क्षेत्र में सुचारू रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए इस वंदे भारत ट्रेन में विशेष तकनीकी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
सिलिकॉन हीटिंग पैड: यह वॉटर और बायो-टॉयलेट टैंकों में पानी को जमने से रोकेंगे। साथ ही, इनमें ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर लगे हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि शून्य या माइनस तापमान में भी रेल संचालन सुचारू रूप से हो।
हीटेड प्लंबिंग पाइपलाइन: जीरो डिग्री से भी कम तापमान में सेल्फ-रेगुलेटेड हीटिंग केबल्स पानी को जमने से रोकेंगे।
आॅटो-ड्रेनिंग मैकेनिज्म: प्लंबिंग लाइनों में पानी के जमने की समस्या को रोकेगा, जिससे संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी।



