Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा मामले में झारखंड हाई कोर्ट में अगली सुनवाई पांच फरवरी को

जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा मामले में झारखंड हाई कोर्ट में अगली सुनवाई पांच फरवरी को

Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट में प्रथम और द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की सीबीआई जांच कराने वाली बुद्धदेव उरांव की जनहित याचिका की सुनवाई बुधवार को हुई। हाई कोर्ट के जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सीबीआई को मामले में दायर आरोप पत्र को कोर्ट के रिकॉर्ड में लाने के निर्देश दिये।इससे पूर्व सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में रांची की सीबीआई की अदालत में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इस सम्बन्ध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 05 फरवरी तय की है।

सीबीआई से जेपीएससी प्रथम एवं द्वितीय गड़बड़ी के केस के अनुसंधान की स्थिति पर जवाब मांगा था

पिछली सुनवाई में खंडपीठ ने सीबीआई को जेपीएससी प्रथम एवं द्वितीय गड़बड़ी से संबंधित केस नम्बर आरसी 5/2012 और आरसी 6/2012 के अनुसंधान की स्थिति पर जवाब मांगा था।

जेपीएससी प्रथम परीक्षा गड़बड़ी मामले में 04 मई को, 2024 को सीबीआई ने केस नंबर आरसी 5/2012 में सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें सीबीआई ने जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. दिलीप प्रसाद, वरीय सदस्य गोपाल प्रसाद, सदस्य राधा गोविंद नागेश, सदस्य शांति देवी, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह समेत 37 लोगों को आरोपित बनाया था। इनके अलावा अपर समाहर्ता रैंक के अधिकारी सीमा सिंह, सुषमा नीलम सोरेन, कुंवर सिंह पाहन, ज्योति कुमारी झा, अलका कुमारी, मोहनलाल मरांडी, राम नारायण सिंह, सुदर्शन मुर्मू, जेम्स सुरीन, जितेंद्र मुंडा, पूनम कच्छप, राजीव कुमार, संजीव कुमार, अनंत कुमार, परमेश्वर मुंडा, संतोष कुमार गर्ग, कमलेश्वर नारायण एवं विजय वर्मा को आरोपित बनाया है।

सीबीआई ने जेपीएससी द्वितीय परीक्षा गड़बड़ी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है

वहीं, सीबीआई ने जेपीएससी द्वितीय परीक्षा गड़बड़ी मामले में केस नंबर आरसी 6/2012 में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. दिलीप प्रसाद समेत 70 आरोपितों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। झारखंड में प्रथम और द्वितीय जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच का आदेश झारखंड हाई कोर्ट ने साल 2012 में सीबीआई को दिया था। 12 साल से अधिक समय तक सीबीआई ने की मामले की अनुसंधान पूरी कर दोनों मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया है।दरअसल, बुद्धदेव उरांव ने जेपीएससी प्रथम एवं द्वितीय की परीक्षा में अंको की हेराफेरी और रिजल्ट प्रकाशन में गड़बड़ी की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है।उल्लेखनीय है कि पहले राज्य सरकार के जरिये ली गयी प्रथम एवं द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की जांच निगरानी ब्यूरो कर रही थी। बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई को दे दिया गया था।

Share this:

Latest Updates