Ranchi news: रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल) में दो दिनों तक चले एक सेमिनार का समापन हो गया। इस सेमिनार में झारखंड के कारोबार, अर्थव्यवस्था और कानून से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। सेमिनार के दौरान बेनेट यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली और एनयूएसआरएल के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हुआ। इस कार्यक्रम में कई लॉ कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया।
सेमिनार के समापन सत्र में झारखंड हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति दीपक रौशन ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि कानून और कारोबार एक साथ मिलकर कैसे काम कर सकते हैं, यह देखना बहुत ही रोचक रहा। उन्होंने ‘लेक्स इकॉनॉमिक्स’ (कानून और अर्थव्यवस्था) जैसे सिद्धांतों और नीतियों के निर्माण में कानूनी ढांचे की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी बात की।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अशोक आर. पाटिल ने कानूनी मुद्दों पर अलग-अलग विभागों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राज्य के विकास और छात्रों के लिए नए अवसरों की तलाश में लगा हुआ है। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य झारखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, कारोबार के लिए बेहतर माहौल बनाना और आने वाली चुनौतियों पर विचार करना था।
सेमिनार के पहले सत्र में झारखंड के कारोबार, अर्थव्यवस्था और कानून के बीच तालमेल पर चर्चा हुई। झारखंड की औद्योगिक क्षमता, स्टील और खनिज उद्योग की संभावनाओं, बाजार की मांग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार, वित्तीय और कानूनी सुधार, और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। झारखंड के आर्थिक सुधार के लिए एक समग्र और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति बनी।
इस चर्चा में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमृतांशु प्रसाद, अदानी समूह के डॉ. संजीव शेखर, और कानून व शिक्षा जगत के कई विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए। डॉ. मृत्युंजय मयंक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सेंटर फॉर बिजनेस लॉ का संचालन डॉ. हीरल मेहता कुमार, डॉ. श्वेता मोहन, डॉ. संचिता तिवारी, डॉ. मृत्युंजय मयंक और श्री शंतनु ब्रज चौबे द्वारा किया जाता है।



