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महाकुंभ के लिए रेलवे की अनूठी पहल, कर्मियों की जैकेट से बनेंगे रेल टिकट

महाकुंभ के लिए रेलवे की अनूठी पहल, कर्मियों की जैकेट से बनेंगे रेल टिकट

डिजिटल टिकटिंग का अनोखा प्रयास, क्यूआर कोड स्कैन कर बुक होंगे अनारक्षित टिकट

Prayagraj news : महाकुंभ को दिव्य और भव्य के साथ डिजिटल बनाने का संकल्प अब दिखने लगा है। अभिनव प्रयास लगातार जारी है। इस दिशा में भारतीय रेलवे एक अनूठी पहल करने जा रहा है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार रेलकर्मियों की जैकेट से डिजिटल रेल टिकट बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पहल के कारण महाकुंभ में आने वाले वाले श्रद्धालुओं को टिकट की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। साथ ही रेलवे प्रशासन को भी टिकट बनाने की प्रक्रिया में कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने पहले ही टोल फ्री नंबर, वेबसाइट और महाकुंभ मेला एप जारी कर डिजिटल महाकुंभ को सफल बनाने में सार्थक प्रयास किये हैं।

महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने डिजिटल तकनीक के उपयोग से टिकटिंग प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। इस बारे में बताते हुए प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने कहा कि महाकुंभ के दौरान, रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी प्रयागराज जंक्शन पर हरे रंग की जैकेट पहन कर विशेष ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इन जैकेट्स के पीछे एक क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसे श्रद्धालु अपने मोबाइल से स्कैन कर सीधे यूटीएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप यात्रियों को बिना लाइन में खड़े अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करेगा।

 प्रयागराज रेल मंडल की इस पहल से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर लंबी लाइनों से बचते हुए आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान के माध्यम से टिकट बुकिंग की यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को टिकट लाइन की समस्या से भी दूर रखेगी। सीनियर पीआरओ ने बताया कि रेलवे कर्मी क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनकर रेलवे परिसर में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे, जिससे श्रद्धालुओं आसानी से टिकट बुक कर सके।

साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल डबल इंजन सरकार की डिजिटल इंडिया और डिजिटल महाकुंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी एक अनोखा और सुखद अनुभव प्रदान करेगा।

एक अनुमान के मुताबिक महाकुंभ में पिछली बार की तुलना में 28 करोड़ ज्यादा श्रद्धालु आएंगे। इस बार सरकार 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। पिछले महाकुंभ के मुकाबले इस बार तीन गुना से ज्यादा श्रद्धालु आएंगे। 2013 में 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे, इस बार 40 करोड़ के आने का अनुमान है। इसके लिहाज से मेले का आकार भी बढ़ाया गया है। 40 वर्ग किलोमीटर को सजाया और चमकाया जा रहा। कुंभ नगर की सुरक्षा को अभेद किले की तरह पुख्ता किया गया है। कुंभनगर के मास्टर प्लान पर तेजी से काम चल रहा है। प्रचार इस तरह किया जा रहा कि कुंभ मेला शुरू होने के 20 दिन पहले ही भीड़ के चलते डेढ़ किलोमीटर पहले ही बैरिकेड लगा कर गाड़ियों को रोका जा रहा है।

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