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आठ लाख करोड़ से ज्यादा का होगा यूपी का बजट

आठ लाख करोड़ से ज्यादा का होगा यूपी का बजट


Lucknow News: उप्र विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू हो रहा है। इसमें 20 फरवरी को वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना एक बार फिर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट सदन में पेश करेंगे। इस बार बजट का आकार 8.10 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। बजट का यह आकंड़ा वित्तीय वर्ष 2024-25 के मूल बजट यानी 7.36 लाख करोड़ रुपये से करीब 74 हजार करोड़ रुपये अधिक है। फरवरी में पेश हुए बजट के बाद योगी सरकार ने दो अनुपूरक बजट पेश किए। इससे चालू वित्ती वर्ष का कुल बजट करीब 7.64 लाख तक पहुंच गया था।

विकास कार्यों को और तेज गति का अनुमान
वित्त विभाग के मुताबिक वर्ष 2025-26 में कुल बजट में से 5.85 लाख करोड़ रुपये सरकार राजस्व से संबंधित खर्चों जैसे वेतन, पेंशन, ब्याज और अन्य मदों में खर्च करेगी, जबकि विकास से संबंधित कार्यों के लिए पूंजीगत व्यय के मद में 2.25 लाख करोड़ रुपये तक आवंटित किए जाने का अनुमान है। जो चालू वर्ष में विकास कार्यों के लिए दी गयी धनराशि से करीब 20 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। जिससे विकास कार्यों को और तेज गति मिलेगी।
राजकोषीय पुन; संरचना नीति के तहत वित्त विभाग ने साल 2025-26, 2026-27 और 2027-28 तक के बजट का पूर्वानुमान लगाया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के कुल बजट का आकार 8.10 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार जहां राजस्व व पूंजीगत व्यय को मिलाकर 8.10 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी वहीं सभी मदों से सरकार की कुल कमाई 8.06 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

योगी सरकार का पूरा फोकस प्रदेश के विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर
जानकारों की मानें तो योगी सरकार का पूरा फोकस इस बार के बजट के जरिए प्रदेश के विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर है। इसलिए इस बार बजट में विकास कार्यों के लिए अच्छा-खासा बजट आवंटित करने का अनुमान लगाया जा रहा है। बजट में सरकार बुजुर्गों, महिलाओ पर ज्यादा फोकस करेगी। समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर यकीन करें तो सरकार प्रदेश के वृद्धावस्था पेंशनर की संख्या में करीब 5 लाख की वृद्धि करने जा रही है। इस तरह की पेंशन पर 1 हजार रुपये पात्रों को मिलता है। अभी ऐसे लोगों की संख्या 60 लाख है। वहीं समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति योजना के लिए 1862 करोड़ रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपये और अभ्युदय योजना के लिए 55 करोड़ रुपये की मांग की है।

एक्सप्रेसवे, रेलवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की व्यवस्था करने का अनुमान
योगी सरकार के इस बजट में एक्सप्रेसवे, रेलवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की व्यवस्था करने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए अधिक बजट देने के साथ ही ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए भी अधिक धन की व्यवस्था का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी की बेसिक शिक्षकों को टैबलेट देने, मुफ्त टैबलेट और लैपटॉप योजना के साथ ही युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की घोषणाएं कर चुके हैं। ऐसे में इन योजनाओं में भी बजट में ज्यादा धन देने की व्यवस्था बजट में होगी। इस बार सरकार बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और किसान कल्याण पर विशेष ध्यान देने जा रही है।

सरकार 7.64 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट का विभागों को अभी तक 55 फीसद ही आवंटित कर सकी
मगर दूसरी तरफ वित्त विभाग के सूत्रों की मानें तो चालू वित्तीय वर्ष में सरकार 7.64 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट का विभागों को अभी तक 55 फीसद ही आवंटित कर सकी है। मजेदार बात तो यह है कि इस आवंटित बजट राशि का विभाग 98 फीसद ही खर्च कर सके हैं। ऐसे में देखना होगा कि सरकार 2024-25 के मंजूर हुए बजट की शेष राशि को डेढ़ महीने में कैसे खर्च कर पायेगी?

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