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डब्ल्यूएचओ ने वयस्कों में मंकीपॉक्स वायरस के उपचार के लिए टीके के इस्तेमाल की दी मंजूरी

डब्ल्यूएचओ ने वयस्कों में मंकीपॉक्स वायरस के उपचार के लिए टीके के इस्तेमाल की दी मंजूरी

New Delhi news : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स के खिलाफ पहले टीके के रूप में बवेरियन नॉर्डिक के एमवीए-बीएन को मंजूरी दे दी है। इसे तत्काल आवश्यकता वाले समुदायों में विस्तारित पहुंच के लिए अपनी प्रीक्वालिफिकेशन सूची में जोड़ दिया है। इस कदम का उद्देश्य ट्रांसमिशन को कम करना और चल रहे प्रकोप को रोकने में मदद करना है। टीके को मंजूरी दी जाने का मतलब है कि जीएवीआई वैक्सीन एलायंस और यूनिसेफ जैसे दानकर्ता इसे खरीद सकते हैं।

मंकीपॉक्स के खिलाफ लड़ाई में यह अहम कदम 

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मंकीपॉक्स के खिलाफ टीके की यह प्रीक्वालिफिकेशन बीमारी के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने टीकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए खरीद, दान और रोलआउट की तत्काल स्केलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। मंकीपॉक्स का प्रीक्वालिफिकेशन मूल्यांकन बवेरियन नॉर्डिक द्वारा उपलब्ध कराये गये डेटा पर आधारित था और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी द्वारा समीक्षा की गयी थी। 

मंकी पॉक्स को रोकने में 76% प्रभावशीलता 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एक्सपोजर से पहले दी गयी एक खुराक वाली एमवीए-बीएन वैक्सीन की मंकीपॉक्स को रोकने में अनुमानित 76 प्रतिशत प्रभावशीलता है, जबकि दो खुराक वाली अनुसूची से प्रभावशीलता 82 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। हालांकि, एक्सपोजर के बाद टीकाकरण कम प्रभावी माना जाता है। अफ्रीका समेत अन्य देशों में इस वायरस पर लगाम लगाने के लिए डब्ल्यूएचओ का महत्त्वपूर्ण कदम है।

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